राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने मंगलवार को स्थानीय कृषि उत्पादों की विशिष्ट पहचान व गुणवत्ता के आधार पर वैश्विक बाजार में उनके लिए बेहतर दाम प्राप्त करने के लिए ज्योग्राफिकल इंडिकेशन चिन्ह के साथ ब्रांडिग पर जोर दिया है। छोटे किसानों को अत्याधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी के साथ आय व उत्पादन बढ़ाने के साथ ही जैविक खेती पर ध्यान देना होगा। राजभवन में किसान पखवाड़ा को उद्घाटन करने के बाद मुर्मू ने कहा कि जम्मू जिले के आरएसपुरा में पैदा होने वाली बासमती अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के मुताबिक जैविक उत्पाद घोषित किए जाने योग्य है। उपराज्यपाल ने कश्मीर मे बागवानी पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने इस किताब का स्थानीय भाषाओं में अनुवाद करने का भी निर्देश दिया है।

उपराज्यपाल ने किसानों की जरूरतों और मदद के लिए मोबाइल ऐप और साफ्टवेयर बनाने को कहा है। किसानों को अधिक से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जाएं। सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी जारी किए जाएं। मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि जम्मू कश्मीर की कुल जीडीपी में 30 प्रतिशत योगदान कृषि व इससे जुड़े क्षेत्रों का है। प्रदेश की दो तिहाई आबादी कृषि पर निर्भर है। प्रधानमंत्री किसान निधि योजना से 9.8 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं जो देश में सबसे बेहतर है।

कृषि विभाग के प्रधान सचिव नवीन कुमार चौधरी ने बताया कि आरएसपुरा में पैदा होने वाली बासमती अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के मुताबिक जैविक उत्पाद घोषित किए जाने योग्य है। प्रदेश में नौ लाख सक्रिय किसान क्रेडिट कार्ड धारक हैं। सेब के लिए बाजार हस्ताक्षेप योजना लागू की गई है। केसर के लिए जीआइ टैगिग प्राप्त की गई है। जम्मू कश्मीर बैंक के चेयरमैन आरके छिब्बर ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत चार प्रतिशत ब्याज की दर से कर्ज दिया जा रहा है। 1.60 लाख रुपये के कर्ज तक किसी तरह की गारंटी भी नहीं ली जाती है।

Posted By: Jagran

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