जम्मू/श्रीनगर, जागरण न्यूज नेटवर्क। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा। पिछले पंद्रह दिनों से नियंत्रण रेखा पर अलग-अलग जगहों पर गोलाबारी करने वाली पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को सरहद को पूरी तरह सुलगा दिया। पाकिस्तान ने सुबह जम्मू जिले की अखनूर तहसील के केरी बट्टल में गोलाबारी की और शाम को उत्तरी कश्मीर के गुरेज (बांडीपोर) में घुसपैठ करवाने का प्रयास किया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को हर मोर्चे पर करारा जवाब दिया।

अखनूर और गुरेज में पाकिस्तानी सेना के छह सैनिकों के मारे जाने की सूचना है। तीन घुसपैठिए भी मारे गए हैं। सीमा पार पाकिस्तान की दो चौकियां तबाह व भारी नुकसान भी हुआ है। कई पाकिस्तानी सैनिक घायल बताए जा रहे हैं। दुश्मन के नापाक इरादे नाकाम बनाते भारतीय सेना का नायक कृष्ण लाल पुत्र चुन्नी लाल भी शहीद हो गए। शहीद कृष्ण लाल जम्मू जिले के अखनूर तहसील के सीमांत खौड़ इलाके के गिगड़ेयाल के निवासी हैं। देर रात तक उत्तरी कश्मीर के गुरेज, टंगडार, करनाह और उड़ी में दोनों तरफ से भारी गोलाबारी जारी रही। इसमें दो नागरिक घायल हो गए। पाकिस्तान ने उत्तरी कश्मीर में भारतीय ठिकानों पर तोपखाने का भी इस्तेमाल किया है।

नौशेरा सेक्टर में सीज़फायर उल्लंघन

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान ने एक बार फिर सीज फायर का उल्लंघन किया है। बुधवार रात पाकिस्तान ने भारतीय सीमा की ओर गोलीबारी की और मोर्टार दागे।भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। पाकिस्तान ने बुधवार रात लगभग 12:30 बजे नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा(एलओसी) के पास संघर्षविराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तान ने मंगलवार को लगातार तीसरे दिन सीजफायर का उल्लंघन किया था। जम्मू-कश्मीर के तंगधार में पाकिस्तान की ओर से मोर्टार दागे गए। भारत ने भी इस हमले के जवाब में खूब फायरिंग की।

अखनूर में गोलाबारी :

पाकिस्तान ने मंगलवार दोपहर करीब बारह बजे अखनूर के केरी बट्टल में गोले दागने शुरू कर दिए। यह क्षेत्र सुंदरबनी सेक्टर से सटा है। भारतीय सेना ने भी जोरदार जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से भारी गोलाबारी के बीच आर्मी की चौकी के पास मोर्टार का गोला गिरने से सेना की 18 जैक राइफल्स के नायक कृष्ण लाल गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद वह मोर्चे पर डटे रहे और शहीद हो गए। इस क्षेत्र में नौ दिन के अंदर सेना का दूसरा जवान शहीद हुआ है।

22 जुलाई को भी नियंत्रण रेखा के पार से भारी गोलाबारी में 18 जैक राइफल्स के राइफलमैन मोहम्मद आरिफ सफी आलम खान पठान शहीद हो गए थे। वह वडोदरा के रहने वाले थे। सेना की 16 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत ने 34 वर्षीय नायक कृष्ण लाल की बहादुरी की सराहना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी से निपटने के लिए सांत्वना दी है। उन्होंने कहा है कि देश शहीद सैनिक के सर्वोच्च बलिदान का हमेशा आभारी रहेगा। शहीद के परिवार में उनकी पत्नी शशि देवी हैं।

गुरेज में घुसपैठ :

अखनूर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार दोपहर बाद उत्तरी कश्मीर के गुरेज (बांडीपोर) में घुसपैठ करवाने का प्रयास किया। गुरेज सेक्टर में बगतूर के पास नौहशरा नाड़ इलाके में नियंत्रण रेखा के अग्रिम छोर पर गश्त कर रहे 36 आरआर के जवानों ने शाम करीब पांच बजे आतंकियों के एक दल को भारतीय इलाके में दाखिल होते देखा। इस दौरान एक घंटे चली मुठभेड़ में जवानों ने शाम साढ़े छह बजे तीन घुसपैठियों को मार गिराया। मुठभेड़स्थल से दो घुसपैठियों के शव व उनके हथियार मिले गए हैं, जबकि तीसरे का शव अभी उठाया नहीं गया है।

सीमा पर भारी गोलाबारी :

पाकिस्तानी सैनिकों ने दोपहर करीब एक बजे उत्तरी कश्मीर में बारामुला से कुपवाड़ा के अंतर्गत एलओसी के साथ सटे उड़ी से केरन सेक्टर तक भारतीय सेना के अग्रिम नागरिक और सैन्य ठिकानों पर भारी गोलाबारी शुरू कर दी। पाकिस्तान ने सबसे पहले टंगडार सेक्टर में जबड़ी गांव और उसके साथ सटे इलाकों में तोपखाने से गोले दागने शुरू किए। कुछ ही देर में यह गोलाबारी साथ सटे केरन, करनाह, मच्छल, गुरेज, उड़ी के मोहरा सेक्टर तक फैल गई। डर के मारे लोग घरों की ओर भागे। कई गोले घरों के आसपास गिरे। इससे टंगडार के एक अग्रिम गांव में दो ग्रामीण जख्मी हो गए। इसपर भारत ने भी जवाबी गोलाबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गुलाम कश्मीर में नीलम घाटी में स्थित एक पाकिस्तानी चौकी पूरी तरह तबाह हो गई।

बताया जाता है कि इस चौकी में मौजूद तीन पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए और कुछ अन्य जख्मी हुए हैं, लेकिन अधिकारिक स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। गुलाम कशमीर की राजधानी मुजफ्फराबाद के पास भी भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में एक सैनिक और एक पुलिसकर्मी समेत पांच पाकिस्तानी जख्मी हुए बताए जा रहे हैं।

पाकिस्तानी सैनिकों ने नौगाम और बंगुस सेक्टर में स्थित अग्रिम ठिकानों पर भी गोलाबारी की। रात आठ बजे पाकिस्तानी सैनिकों ने बारामुला में उड़ी सेक्टर के दो अग्रिम भारतीय गांवों व सैन्य ठिकानों पर गोलाबारी शुरू कर दी।

70 गांवों में अगले आदेश तक शिक्षण संस्थान बंद :

कुपवाड़ा के जिला उपायुक्त अंशुल गर्ग ने दैनिक जागरण के साथ बातचीत में कहा कि स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन कोई पलायन नहीं हुआ है। मच्छल, टंगडार, जमगुंड, करनाह और बुडनाम के अंतर्गत आने वाले करीब 70 गांवों में हमने अगले आदेश तक सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया है। लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने के लिए भी कहा है। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने की पूरी व्यवस्था कर रखी है।

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Posted By: Preeti jha

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