विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बलिदान दिवस पर कश्मीरी हिंदू सरकार के खिलाफ खोलेंगे मोर्चा, 15 हजार नौकरियों और 25 हजार राहत राशि की मांग

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:26 AM (GMT+05:30)

जम्मू में विस्थापित कश्मीरी हिंदू 14 सितंबर को बलिदान दिवस पर पनुन कश्मीर के बैनर तले होमलैंड की मांग उठाएंगे। इस कार्यक्रम में पंडित टीकालाल टपलू  को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

14 सितंबर को जम्मू में फिर उठेगी 'होमलैंड' की मांग।

14 सितंबर को जम्मू में फिर उठेगी 'होमलैंड' की मांग।

HighLights

  1. पनुन कश्मीर 14 सितंबर को बलिदान दिवस मनाएगा

  2. विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के लिए होमलैंड की मांग

  3. पंडित टपलू और बलिदान जवानों को श्रद्धांजलि

जागरण संवाददाता, जम्मू। कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार को सरकारी स्तर पर स्वीकृति देने, विस्थापित हिंदुओं के लिए होमलैंड, 15 हजार युवाओं के लिए रोजगार पैकेज और मासिक नगद राहत राशि को 25 हजार रुपये करने की मांगों को लेकर जम्मू में रह रहे विस्थापित कश्मीरी हिंदू एक बार फिर से मुखर होंगे।

पनुन कश्मीर के तहत 14 सितंबर को बलिदान दिवस पर पलोड़ा के मन्हास मैदान में एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समुदाय अपनी मांगों को केंद्र और प्रदेश सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करेगा।

हर साल कश्मीरी हिंदू नेता एवं एडवोकेट पंडित टीकालाल टपलू के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस बार यह आयोजन बड़े पैमाने पर होगा, जिसमें पंडित टपलू के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का मुकाबला करते हुए बलिदान हुए सुरक्षाबलों को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी।

पनुन कश्मीर के चेयरमैन टीटू गंजू ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार उनकी मांगों को हल्के में ले रही हैं, लेकिन अब उनका सब्र टूट रहा है। वे अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

गंजू ने बताया कि सरकार बार-बार कहती है कि विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की घर वापसी होगी, लेकिन इसका एकमात्र तरीका झेहलम नदी के पूर्व-पश्चिम क्षेत्र में होमलैंड का निर्माण है।

यह होमलैंड पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधीन होना चाहिए, तभी कश्मीरी हिंदू घाटी में सुरक्षित रह सकते हैं। अब वे अपनी इस मांग को पूरा करवाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे।

यह भी पढ़ें- 36 साल बाद भी घाटी वापसी का इंतजार! अब अनशन पर बैठे कश्मीरी हिंदू, होमलैंड से 20,000 नौकरियों तक की मांग