'जश्न मना लो, परिवार में मातम छा सकता', कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को खुली धमकी, ट्रांजिट कालोनियों पर भड़के आतंकी
आतंकी संगठन यूनाइटेल लिबरेशन काउंसिल (यूएलसी) ने कश्मीर में कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों के लिए बनी ट्रांजिट कॉलोनियों को 'इजरायली मॉडल' ...और पढ़ें

आतंकियों ने 'इजरायली मॉडल' बताकर दी जान से मारने की धमकी। (फाइल फोटो)
HighLights
आतंकी यूएलसी ने कश्मीरी हिंदू ट्रांजिट कॉलोनियों को निशाना बनाने की धमकी दी।
कॉलोनियों को 'इजरायली मॉडल' बताकर कश्मीरी मुस्लिमों को अल्पसंख्यक बनाने का आरोप।
यह धमकी कश्मीरी हिंदुओं की वापसी और पुनर्वास प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास है।
नवीन नवाज, जागरण। विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की घाटी वापसी को रोकने के लिए पूरी तरह हताश आतंकी संगठनों ने अब उनके लिए स्थापित ट्रांजिट आवासीय कालौनियों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है। आतंकी संगठनों ने इन कालोनियों को इजरायली माडल की कालोनियां बताते हुए कहा है कि जिस तरह से इजरायल ने गाजा और फिलीस्तनी में स्थानीय लोगों केा अल्पसंख्यक बनाने के लिए कालोनियां बसाई हैं, उसी तर्ज पर कश्मीर में कश्मीरी मुस्लिमों केा अल्पसंख्यक बनाने के लिए भारत सरकार यह कालोनियां बसाने जा रही है।
लश्कर ए तैयबा का छ्दम संगठन कहे जाने वाले आतंकी संगठन यूनाइटेल लिबरेशन काउंसिल यूएलसी ने इन कालोनियों को निशाना बनाने और संबंधित लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने व जान से मारने की धमकी दी है।
PM पैकेज के तहत 6 हजार विस्थापितों को मिली सरकारी नौकरी
उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी में इस्लाम और आजादी के नाम पर खदेड़े गए विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की सम्मानजनक वापसी और पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज योजना है। इस योजना के तहत वादी के विभिन्न भागों में छह हजार विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं को सरकारी नौकरी दी गई है और उनकी आवासीय सुविधा के लिए विभिन्न जिलों में ट्रांजिट कालोनियां तैयार की गई हैं।
कई विस्थापित कश्मीरी हिंदू कर्मचारी इन कालोनियां में रह रहे हैं। आतंकी संगठन ने अब इन कालोनियों और इनमें बसे लोगों को निशाना बनाने की धमकी दी है। यूएलसी ने धमकी के साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन से संबंधित दो दस्तावेज भी जारी किए हैं।
इनमें एक दस्तावेज ट्रांजिट आवास के निर्माण और संबंधित इंजीनियरिंग कार्य से जुड़ा है, जबकि दूसरे में प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट आवास से संबंधित जानकारी और अधिकारियों के बीच पत्राचार का उल्लेख है।
ट्रांजिट कालोनियों को बताया 'इजरायली शैली की बस्तियां'
यूएलसी जो बीते कुछ समय से इंटरनेट मीडिया व अन्य माध्यमाें के जरिए विस्थापित कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों और कुछ अन्य लोगों का ब्यौरा जारी कर उनहें धमका रहा है, ने अब ट्रांजिट कालोनियां केा निशाना बनाने की धमकी दी है।
यूएलसी के अनुसार ऐसी कलोनियां कश्मीर में अलग तरह की बस्तियां स्थापित करने की कोशिश हैं। इन्हें 'इजरायली शैली की बस्तियां' बताते हुए आतंकियों ने इनके प्रति अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
आतंकी संगठन के अनुसार, इन कालोनियों में विस्थापित कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों के साथ जम्मू कश्मीर से बाहर अन्य राज्यों के गैर मुस्लिम नागरिकों केा बसाया जाएगा ताकि कश्मीरी मुस्लिमों को अल्पसंख्यक बनाया जा सके।
कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को दी धमकी
आतंकी संगठन ने कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को व्हाइट कालर मुखबिर और अन्य कई आपत्तिजनक शब्दों से संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार उन्हें अपने एजेंडे के तहत कश्मीर में इस्तेमाल कर रही है।
आतंकी संगठन ने कहा कि ऐसे सभी लोगों पर नजर है। उनके पास संबधित कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा है और आने वाले दिनों में उन्हें बेनकाब किया जाएगा।
आतंकी संगठन ने अपनी धमकी में कहा है कि संबंधित लोग अभी जश्न मना सकते हैं, लेकिन ऐसा समय आ सकता है जब उनके परिवारों में मातम छा जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि उनके तथाकथित संरक्षक या मार्गदर्शक भी उन्हें बचाने में सक्षम नहीं होंगे।
कश्मीरी हिंदुओं की जानकारी आतंकियों तक कैसे पहुंची?
पनुन कश्मीर के अध्यक्ष डा अजय च्रुंगु ने कहा कि आतंकी संगठनों द्वारा जिस तरह से कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को निशान बनाने की धमकी देते हुए, उनके बारे में हरेक जानकारी सार्वजनिक की जा रही है, वह कई सवाल पैदा करती है।
आतंकियों तक कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों की जानकारी, सरकारी दस्तावेज किस तरह से आतंकियों तक पहुंच रह ेहैं, सिस्टम मे कौन उनके साथ है? यह धमकियां बताती हैं कि कश्मीर में सतह पर जो सामान्य स्थिति नजर आती है,उसके नीचे बहुत हलचल है।
आज भी कश्मीर में हालात सही नहीं हैं और जिहादी तत्व पूरी तरह से सक्रिय हैं। यह धमकियां उन लोगों को कठघरे में खड़ा करती है जो कहते हैं कि कश्मीर में आतंकवाद समाप्त हो गया, चारों तरफ शांति और खुशहाली है।
पहले भी हो चुका है ट्रांजिट कालोनियाें का विरोध
कश्मीर मामलों के जानकार उमर मकबूल ने कहा कि विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के लिए ट्रांजिट आवासीय कालोनियों का पहले भी विरोध हो चुका है। हुर्रियत कान्फ्रेसं ने भी विरोध किया हैआतंकी भी विरोध करते रहे हैं। कश्मीर में मुख्यधारा की राजनीति करने वाले राजनीतिक दल जो जब सत्ता में नहीं होते हैं, इन कालोनियों का विरोध करते हुए कहते रहे हैं कि इनमें एक समुदाय विशेष को नहीं बसाया जाना चाहिए,इनमें सभी वर्गाें को शामिल करें।
यह धमकियां और ट्रांजिट आवासीय कालोनियाें का विरोध केवल कर्मचारियों के खिलाफ धमकी के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह कश्मीरी हिंदुओं की घाटी में वापसी और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास भी माना जा सकता है।यह घटनाक्रम न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा बल्कि कश्मीर में विस्थापित समुदाय की वापसी और पुनर्वास की नीति के लिए भी एक गंभीर चुनौती है।
मुस्लिमों को कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ भड़काने का षडयंत्र
कश्मीर मामलों के जानकार रमीज मखदूमी ने कहा कि जिस तरह से आतंकी संगठन और कुछ अन्य लोग कश्मीर में ट्रांजिट कालोनियों का विरोध करते हुए इनहें इजरायल माडल को कश्मीर दोहराने का आरोप लगा रहे हैं, वह कश्मीरी मुस्लिमों में विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के प्रति, कश्मीर में अन्य समुदायों के प्रति कहीं न कहीं नफरत और गुस्सा पैदा कर,अपना एजेंडा आगे बढ़ाना चाहते हैं।
वह स्थानीय मुस्लिम समदुाय में अपने लिए सहानुभूति पैदा करना चाहते हैं ओर चाहते हैं कि आम कश्मीरी मुस्लिम विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की वापसी का कहीं न कहीं विरोध करे।
