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कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को धमकी देने के पीछे किसका हाथ? फरीदाबाद से राकेश हांडू गिरफ्तार, IG बोले- मिले अहम सुराग

Published: Tue, 27 Oct 2026 06:47 PM (IST)

कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को धमकी देने के मामले में पुलिस ने राकेश हांडू को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया ...और पढ़ें

कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को धमकी देने के मामले में राकेश हांडू गिरफ्तार। (फाइल फोटो)

कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को धमकी देने के मामले में राकेश हांडू गिरफ्तार। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तारी।

  2. राकेश हांडू को हरियाणा के फरीदाबाद से पकड़ा गया।

  3. यूएपीए और साइबर अपराध धाराओं में मामला दर्ज।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। घाटी में कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों को धमकी देकर दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने कश्मीरी हिंदू एक्टिविस्ट राकेश हांडू को गिरफ्तार किया है। बारामुला पुलिस ने 17 अक्टूबर को हरियाणा के फरीदाबाद से उसे पकड़ा। आरोप है कि अगस्त में कर्मचारियों को धमकी देने वाले संदेश प्रसारित करने में उसकी भूमिका थी। हालांकि, मामले में उसकी संलिप्तता की जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

हांडू ने 2008 में हजरतबल विधानसभा सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उसे हार मिली थी। इस मामले ने घाटी में प्रधानमंत्री के विशेष रोजगार पैकेज के तहत नियुक्त कश्मीरी हिंदू कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी थी।

धमकी भरे संदेशों में कर्मचारियों के नाम और संपर्क विवरण कथित तौर पर साझा किए गए थे। सुरक्षा चिंताओं के चलते सैकड़ों कर्मचारियों को प्रशासनिक अवकाश पर रखा गया और करीब तीन सप्ताह तक ड्यूटी पर नहीं आने को कहा गया।

पुलिस को मिले अहम सुराग

पुलिस महानिरीक्षक सुजीत कुमार ने बताया कि हांडू की कथित भूमिका को लेकर पुलिस को “महत्वपूर्ण और गंभीर सुराग” मिले हैं। पुलिस ने उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और साइबर अपराध से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

गिरफ्तारी के आधार से जुड़े दस्तावेज 17 अक्टूबर को हांडू की पत्नी को सौंपे गए थे। पुलिस ने 21 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज कर उसे 26 सितंबर को बारामुला में पेश होने के लिए कहा था। सूत्रों के अनुसार, बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद वह पेश नहीं हुआ।

प्रवासी मजदूरों पर हमलों के बाद प्रशासन की कार्रवाई

आपको बता दें कि जुलाई और अगस्त में प्रवासी मजदूरों पर धमकियों और लक्षित हमलों के बाद प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई की थी। इस दौरान 3000 से अधिक लोगों को संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर गिरफ्तार किया गया। इन पर आतंकियों को गुप्त मददगार होने का संदेह था।