श्रीनगर [राज्य ब्यूरो] । आइजी सीआरपीएफ रविदीप सिंह साही ने कहा कि वादी में आतंकवाद के पूरी तरह समाप्त होने तक ऑपरेशन ऑल आउट जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत वादी में कई नामी कमांडरों के मारे जाने से हताश आतंकी अब दक्षिण कश्मीर में सियासी कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं।

 

श्रीनगर में स्थानीय युवाओं के लिए शुरू की गई फुटबाल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेने के बाद बातचीत में आइजी सीआरपीएफ ने कहा कि इस समय आतंकी अत्यंत दबाव में हैं। आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट लगातार चलेगा। इसके तहत विभिन्न इलाकों में आतंकियों को जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ने के लिए घेराबंदी कर तलाशी अभियान (कासो) भी चलते रहेंगे।उन्होंने कहा कि तलाशी अभियानों से जहां आतंकियों को आबादी वाले इलाकों में अपने ठिकाने बनाने का मौका नहीं मिलता, वहीं आम लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी पैदा होती है।

कानून व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनाए रखने में भी यह मददगार होते हैं। इनसे आतंकियों की गतिविधियों पर भी अंकुश लगता है।शोपियां में सुबह चलाए गए तलाशी अभियान पर उन्होंने कहा कि कोई भी अभियान बिना किसी आधार के नहीं चलाया जाता।

खुफिया तंत्र की सूचना पर ही यह अभियान चलाया गया है।आतंकियों द्वारा गत दिनों एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या किए जाने और उसके बाद सोपोर में एक ग्रामीण की गोलियों से छलनी लाश मिलने पर रविदीप सिंह साही ने कहा कि इस साल कई नामी कमांडरों समेत 170 से ज्यादा आतंकी मारे गए हैं। लोग भी अब पहले की तरह आतंकियों को सहयोग नहीं कर रहे हैं। इससे आतंकी हताश हो चुके हैं और वह लोगों को डराने के लिए, अपने कैडर का मनोबल बनाए रखने के लिए सियासी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं, लेकिन आतंकवाद प्रभावित इलाकों में लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना पैदा करने के लिए पुलिस, सीआरपीएफ व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी उपस्थिति और गश्त बढ़ा दी है।

इसके अलावा संबंधित प्रशासन द्वारा लगातार किसी क्षेत्र विशेष और व्यक्ति विशेष की सुरक्षा की लगातार समीक्षा की जाती है। इसके आधार पर सियासी कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों को सुरक्षाकर्मी भी प्रदान किए जा सकते हैं।

 

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Posted By: Preeti jha

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