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कश्मीर में अचानक बदला मौसम, ओलों ने सेब और धान की फसल को पहुंचाया नुकसान; किसानों की बढ़ी चिंता

Published: Fri, 09 Oct 2026 04:06 PM (GMT+05:30)

कश्मीर घाटी में अचानक बदले मौसम ने तेज बारिश, ओलावृष्टि और हवाओं के साथ फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे ...और पढ़ें

कश्मीर में बारिश और ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की टेंशन।(फाइल फोटो)

कश्मीर में बारिश और ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की टेंशन।(फाइल फोटो)

HighLights

  1. कश्मीर में अचानक तेज बारिश, ओलावृष्टि और हवाओं का दौर।

  2. बांडीपोरा, कुपवाड़ा, गांदरबल में फसलों और सेब के बागों को नुकसान।

  3. मौसम विभाग ने खराब मौसम की चेतावनी जारी की, किसानों को सलाह।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर घाटी में वीरवार को मौसम ने अचानक करवट ली और कई इलाकों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, गरज-चमक और तेज हवाओं ने जनजीवन के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ा दी। बांडीपोरा, कुपवाड़ा और गांदरबल के कई हिस्सों में खड़ी फसलों और सेब के बागों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है।

बांडीपोरा में भारी ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को प्रभावित किया। वहीं कुपवाड़ा में तेज बारिश और ओलों की मार से धान के खेतों तथा सेब के बागों को नुकसान पहुंचने की सूचना है।

गांदरबल में भी कई क्षेत्रों से फसल और बागवानी को क्षति की खबर मिली है। घाटी की राजधानी श्रीनगर समेत अन्य इलाकों में भी बारिश के साथ गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर देखने को मिला।

तेज हवाओं के कारण तिरपाल भी उड़े 

बारिश व तेज हवाओं का सिलसिला शुरू होते ही अधिकतर इलाकों की बिजली गुल हो गई जबकि घंटा घर, रीगल चौक, पोलो व्यूज सहित अन्य मुख्य बाजारों में सड़क किनारे फहड़दी लगाने वाले दुकानदार अपने सामान को जुटाने में जुट गए।

तेज हवाओं के कारण उनके तिरपाल भी उड़ गए। कड़ी मशक्कत के साथ उन्होंने अपनी दुकानें समेटी। बाजारों, खासकर घंटाघर लाल चौक में घूम रहे पर्यटकों ने भी बारिश से बचने के लिए दुकानों या फिर शेड का सहारा लिया।

बारिश थमने के बाद भी तेज हवाओं से बढ़ी ठंड

कुछ समय बाद बारिश तो थम गई परंतु तेज हवा का सिलसिला जारी रहने की वजह से ठंड का प्रकोप बढ़ गया। मौसम विभाग ने पहले ही आठ अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में इस मौसम परिवर्तन के दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी करने के साथ आने वाले दिनों में भी गरज-चमक तथा तेज हवाओं के साथ अस्थिर मौसम बने रहने की संभावना जताई थी। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने और कटे हुए सेब तथा धान को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। धान की कटाई का समय नजदीक होने और सेब की तुड़ाई जारी रहने के कारण अचानक बदला मौसम किसानों और बागवानों के लिए बड़ी चिंता बन गया है।

हालांकि, अभी तक बांडीपोरा, कुपवाड़ा और गांदरबल में नुकसान का आधिकारिक आकलन नहीं हुआ है और जिलेवार क्षति के आंकड़े सामने नहीं आए हैं। प्रशासनिक आकलन के बाद ही नुकसान की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। इस बीच लोगों को गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली की लाइनों तथा कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है।