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'ऐसा लगता है सर्दियां जल्दी आ गईं...', कश्मीर में अभी से ठिठुरने लगे लोग, शोपियां में पारा शून्य से नीचे लुढ़का

Published: Tue, 27 Oct 2026 03:48 PM (IST)

Kashmir Weather: घाटी में तापमान में गिरावट आई है, कई स्थानों पर पारा जमाव बिंदु से नीचे चला गया है, ...और पढ़ें

कश्मीर घाटी में बढ़ा ठंड का प्रकोप, शोपियां में पारा जमाव बिंदु से नीचे। (फाइल फोटो)

कश्मीर घाटी में बढ़ा ठंड का प्रकोप, शोपियां में पारा जमाव बिंदु से नीचे। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. घाटी में तापमान गिरा, कई स्थानों पर पारा जमाव बिंदु से नीचे।

  2. शोपियां में न्यूनतम तापमान -0.1°C, लोग ऊनी कपड़े निकाल रहे।

  3. ताजा बर्फबारी और ठंडी हवाओं से बढ़ी ठंड, अल नीनो बेअसर।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। घाटी के तापमान में गिरावट आई है और कई स्थानों पर पारा जमाव बिंदु से नीचे चला गया है। इसके चलते भीषण ठंड का अहसास होने लगा है। रात के तापमान में भारी गिरावट के कारण दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में समय से पहले ही कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। इसके चलते लोगों ने अपने ऊनी कपड़े निकाल लिए हैं और आने वाले सर्द महीनों के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

रविवार और सोमवार की बीच रात जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर -0.1 डिग्री सेलसियस तक पहुंच गया। लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय काफी ठंड महसूस हो रही है। शोपियां के निवासी मोहम्मद अब्दुल्लाह भट ने कहा, 'ऐसा लगता है कि इस बार सर्दियां जल्दी आ गई हैं।'

उन्होंने बताया कि तापमान गिरने के साथ ही लोगों ने ऊनी कपड़े खरीदना शुरू कर दिया है। गर्म कपड़ों की जरूरत बढ़ गई है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें लंबे समय तक घर से बाहर रहना पड़ता है। उन्होंने कहा, 'सुबह और शाम के समय काफी ठंड हो गई है। लोग हमेशा की तुलना में जल्दी अपने सर्दियों के कपड़े निकाल रहे हैं।'

ताजा बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं से बढ़ी ठिठुरन

स्थानीय लोगों का मानना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में हुई ताज़ा बर्फबारी और उसके बाद चलने वाली ठंडी हवाओं की वजह से अचानक ठंड बढ़ गई है। एक अन्य निवासी फिरोज अहमद ने बताया, 'ऊंचाई वाले इलाकों में ताज़ा बर्फबारी के बाद ठंडी हवाएं चलने लगी हैं।'

उन्होंने कहा कि सुबह के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा रहता है। अपने सेब के बागों और ऊंचाई पर बसे गांवों के लिए मशहूर शोपियां में सर्दियां लंबी और काफी कड़ाके की होती हैं, जहां तापमान अक्सर जमाव बिंदु (फ्रीजिंग पाइंट) से नीचे चला जाता है। सर्दियों के दौरान पाला पड़ने और बर्फबारी होने से अक्सर रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ता है और लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

सुबह घर से निकलते ही सता रही ठंड

रात के तापमान में गिरावट के कारण सुबह के समय ठंड और बढ़ गई है, जब लोग काम या अपने अन्य जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकलते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे मौसम पर लगातार नज़र रखेंगे, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान के और भी गिरने की संभावना है।

हालांकि बर्फबारी से जल स्रोतों को फिर से भरने और खेती-बाड़ी में मदद मिलती है, लेकिन लंबे समय तक रहने वाली कड़ाके की ठंड रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास हीटिंग (गर्म रखने) के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

घाटी के अन्य जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में भी तापमान में भारी गिरावट और इसके जमाव बिंदु से नीचे चले जाने के चलते बढ़ी ठंड लोगों को अपना अहसास करा रही है और लोग इस ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ो व गर्मी पहुंचाने उपकरणों का सहारा ले रहे हैं।

अक्टूबर की शुरुआत से ही पहाड़ों पर बर्फबारी

बता देते हैं कि इस वर्ष अक्तूबर महीने के शुरू से ही घाटी के पहाड़ों पर हुई बर्फबारी ने तापमान में गिरावट आ गई थी जिससे ठंड ने पहले ही अपना अहसास कराना शुरू कर दिया था। लोगों ने ठंड से बचने के लिए पहले ही गर्म कप़ड़ों व गर्मी पहुंचाने वाले उपकरणों का सहारा लेना शुरू कर दिया था।

हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने इस वर्ष अल नीनो का प्रभाव बने रहने तथा इस प्रभाव के चलते घाटी में सर्दियां सूखी ही बीत जाने की भविष्यवाणी कर रखी है। अलबत्ता फिलहाल अल नीनो का यहां कोई प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा है और अभी तक यहां के पहाड़ चार बार बर्फ की चादर ओढ़ चुके हैं।