ट्रेन से कश्मीर पहुंचने वालों के लिए जरूरी खबर, श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर नहीं मिलेंगे कुली; खुद उठाना होगा सामान
श्रीनगर के नौगाम रेलवे स्टेशन पर कुलियों की अनुपलब्धता पर्यटकों और व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गई ...और पढ़ें

श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर कुलियों की व्यवस्था नहीं। (फाइल फोटो)
HighLights
श्रीनगर नौगाम रेलवे स्टेशन पर कुलियों की व्यवस्था नहीं।
पर्यटकों और व्यापारियों को सामान खुद उठाना पड़ रहा।
माह के अंत तक कुलियों की सुविधा मिलने की उम्मीद।
राहुल शर्मा, श्रीनगर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कश्मीर की खूबसूरत वादियां, बर्फ से ढके पहाड़, झीलें और प्राकृतिक नजारे देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन कश्मीर पहुंचने के लिए रेल का सफर चुनने वाले यात्रियों को श्रीनगर के नौगाम रेलवे स्टेशन पर एक ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो उनकी यात्रा के शुरुआती अनुभव को ही मुश्किल बना देती है।
स्टेशन पर कुलियों की व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को अपना भारी-भरकम सामान खुद उठाकर ले जाना पड़ता है। परिवार और बच्चों के साथ पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह स्थिति किसी चुनौती से कम नहीं है।
जिस कश्मीर की पहचान मेहमाननवाजी और खूबसूरती से होती है, वहां पहुंचते ही सामान ढोने की जद्दोजहद पर्यटकों के लिए असुविधाजनक अनुभव बन रहा है।
एक हाथ में बैग, दूसरे में बच्चे का हाथ
जम्मू से श्रीनगर केे बीच दो वंदे भारत ट्रेन चलती हैं। इसके अलावा घाटी के भीतर भी कई ट्रेन चलती हैं। ऐसे में रेल से उतरते ही यात्रियों की असली परीक्षा शुरू हो जाती है। किसी के पास बड़े-बड़े सूटकेस हैं, तो कोई बैग और अन्य सामान लेकर परिवार के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करता है।
देश के दूसरे राज्यों से बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर करने वाले परिवारों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है। एक तरफ सामान संभालने की चिंता, दूसरी तरफ परिवार के सदस्यों को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी। ऐसे में यात्रियों को खुद ही अपने सामान का बोझ उठाना पड़ता है।
लंबे सफर के बाद स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को उम्मीद रहती है कि उन्हें आगे की यात्रा के लिए जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन कुलियों की अनुपलब्धता उनकी इस उम्मीद पर पानी फेर सकती है। खासकर उन पर्यटकों के लिए मुश्किल अधिक होती है, जो पहली बार कश्मीर आ रहे हों और स्टेशन की व्यवस्था से परिचित न हों।
लेकिन यात्रियों की सुविधा कौन देखेगा?
कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर संपर्क व्यवस्था और पर्यटकों को सुविधाजनक अनुभव देना महत्वपूर्ण है। रेल संपर्क बढ़ने से यात्रियों को घाटी तक पहुंचने का एक और विकल्प मिलता है, लेकिन केवल रेल सेवा उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है। स्टेशन पर उतरने से लेकर बाहर निकलने तक यात्रियों को जरूरी सुविधाएं मिलना भी उतना ही अहम है।
कुलियों की व्यवस्था नहीं होने से यात्रियों को न केवल शारीरिक परेशानी होती है, बल्कि स्टेशन पर पहुंचने के बाद आगे की यात्रा की योजना बनाने में भी दिक्कत हो सकती है। भारी सामान के साथ टैक्सी या दूसरे परिवहन साधनों तक पहुंचना उन लोगों के लिए विशेष रूप से मुश्किल हो सकता है, जिन्हें चलने-फिरने में परेशानी होती है।
सामान लेकर टैक्सी स्टैंड तक पहुंचना मुश्किल
श्रीनगर पंथा चौक के मंजूर अहमद बताते हैं कि कश्मीर के कई व्यापारी रेल के जरिए जम्मू, दिल्ली आदि व्यापार के लिए जाते हैं। कई तो काफी भारी-भरकम सामान भी साथ लाते हैं। श्रीनगर रेलवे स्टेशन पर कुली व ट्राली व्यवस्था नहीं होने की वजह से सामान को गाड़ी तक पहुंचाने में काफी परेशानी होती है। हम स्थानीय हैं इसलिए आने से पहले दोस्त आदि को फोन कर पहले ही मजदूर आदि की व्यवस्था रेलवे स्टेशन पर कर लेते हैं परंतु कश्मीर घूमने आए पर्यटकों को अपना सामान खुद ही टैक्सी स्टेंड तक ले जाना पड़ता है।
स्टेशन पर सामान उठाने वाला कोई नहीं मिला
नई दिल्ली केअनुज अरोड़ा बताते हैं, 'मुझे नई दिल्ली से जम्मू और जम्मू से श्रीनगर की ट्रेन में बैठने तक कोई परेशानी नहीं हुई। परंतु जैसे ही मैं श्रीनगर स्टेशन पहुंचा, सामान प्लेटफार्म पर उतारा उसके बाद दूर-दूर तक मुझे कुली नजर नहीं आए। ट्रेन के रोमांचक भरे सफर के बारे में सुनकर मैं पहली बार वंदे भारत से यहां पहुंचा परंतु मुुझे नहीं पता था कि मुझे सामान, बच्चे खुद ही उठाकर टैक्सी स्टेंड तक ले जाना पड़ेगा।'
स्टेशन पर कोई हेल्पडेस्क भी नहीं दिखा। अगर कुली नहीं हैं तो कम से कम रेल विभाग को ट्रॉलियों या अन्य सहायक सुविधाओं का इंतजाम करना चाहिए। काफी परेशानी हुई।
क्या बोले अधिकारी?
रेलवे कश्मीर चीफ एरिया मैनेजर साकिब युसूफ ने बताया कि रेलवे विभाग पर्यटकों की इस परेशानी से परिचित है। इस पर काम भी चल रहा है। सुरक्षा कारणों की वजह से कुलियों की नियुक्ति में देरी हो रही है परंतु अब यह अंतिम चरण में है। एजेंसी तय कर ली गई है और पूरी उम्मीद है कि इसी माह के अंत तक श्रीनगर नौगाम रेलवे स्टेशन पर कुलियों की सुविधा यात्रियों के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।
