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कश्मीर में पुलिसिंग का तरीका बदलेगा, डिजिटल रिकॉर्ड और जवाबदेही पर जोर; बीट अधिकारियों के कामकाज की होगी समीक्षा

By Naveen NawazEdited By: Dallu Slathia
Published: Sat, 17 Oct 2026 04:18 PM (IST)

कश्मीर के आईजीपी सुजीत कुमार सिंह ने थानों में स्मार्ट और डिजिटल बीट पुलिसिंग लागू करने के निर्देश दिए हैं। ...और पढ़ें

कश्मीर में बीट अफसरों को नियमित गश्त और सीधे संवाद के निर्देश।

कश्मीर में बीट अफसरों को नियमित गश्त और सीधे संवाद के निर्देश।

HighLights

  1. थानों में स्मार्ट और डिजिटल पुलिसिंग लागू होगी।

  2. बीट स्तर पर पुलिसकर्मियों की सक्रियता व जवाबदेही बढ़ेगी।

  3. तकनीक से पुलिसिंग को आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बनाना।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर में पुलिसिंग का तौर-तरीका बदलने की तैयारी है। अब थानों की कार्यप्रणाली में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के साथ बीट स्तर पर पुलिसकर्मियों की सक्रियता और जवाबदेही पर भी जोर रहेगा। कश्मीर जोन के आइजीपी सुजीत कुमार सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को स्मार्ट पुलिसिंग और डिजिटल बीट पुलिसिंग को रोजमर्रा के कामकाज में अनिवार्य रूप से शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

स्पष्ट संदेश है कि पुलिसिंग में बदलाव केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर आम जनता को मिलने वाली सेवाओं, शिकायतों के निस्तारण और पुलिस-जनता के बीच संवाद में भी दिखाई दे।

सिंह ने स्मार्ट पुलिसिंग और डिजिटल बीट पुलिसिंग को लेकर आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रत्येक थाने को आधुनिक, जवाबदेह और नागरिकों के प्रति संवेदनशील बनाना प्राथमिकता है। सम्मेलन में रेंज डीआइजी, जिला एसएसपी, अतिरिक्त एसएसपी, जोनल एसएसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी शामिल हुए।

बीट स्तर तक पहुंचेगी तकनीक

आइजीपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में डिजिटल बीट पुलिसिंग को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत बीट अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करना होगा और स्थानीय लोगों के साथ संपर्क बनाए रखकर उनकी समस्याओं को समझना होगा।

बीट से जुड़ी सूचनाओं और अभिलेखों को डिजिटल प्लेटफार्म पर अद्यतन रखने के साथ पुलिस सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बीट अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय होनी चाहिए और उनके कामकाज की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। थाना प्रभारी और वरिष्ठ अधिकारी योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि बदलाव का असर जमीन पर नजर आए।

पांच सिद्धांतों पर होगी पुलिसिंग

आइजीपी ने स्मार्ट पुलिसिंग के पांच मूल सिद्धांतों, सख्त लेकिन संवेदनशील, आधुनिक और सक्रिय, सतर्क और जवाबदेह, भरोसेमंद और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली तथा तकनीकी रूप से सक्षम और प्रशिक्षित पुलिसिंग को व्यवहार में उतारने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस थाना जनता और पुलिस के बीच संपर्क का प्रमुख केंद्र है। इसलिए प्रत्येक थाने को तकनीक से लैस, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाना जरूरी है।

सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया है। लक्ष्य है कि तकनीक के माध्यम से पुलिस की जवाबदेही बढ़े और हर नागरिक तक सम्मानजनक तरीके से सेवाएं पहुंचें।