कश्मीर मैराथन 25 अक्टूबर को, 67 विदेशियों ने कराया रजिस्ट्रेशन; डल झील से निशात तक गुजरेगा रूट
श्रीनगर में 25 अक्टूबर को होने वाली तीसरी कश्मीर मैराथन में 12 देशों के 67 विदेशी धावक हिस्सा लेंगे। यह ...और पढ़ें

श्रीनगर में 25 अक्टूबर को होगा मैराथन। (फाइल फोटो)
HighLights
12 देशों के 67 विदेशी धावक श्रीनगर मैराथन में भाग लेंगे।
25 अक्टूबर को पूर्ण और हाफ मैराथन का आयोजन होगा।
खेल पर्यटन और श्रीनगर की अंतरराष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। देश में खेल पर्यटन को बढ़ावा देने और भारत की अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की क्षमता को प्रदर्शित करने के लिहाज से तीसरा कश्मीर मैराथन महत्वपूर्ण आयोजन बनने जा रहा है। 25 अक्टूबर को श्रीनगर में होने वाली इस दौड़ के लिए अब तक 12 देशों के 67 विदेशी नागरिक पंजीकरण करा चुके हैं।
कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता के बीच आयोजित होने वाला यह मुकाबला केवल धावकों की सहनशक्ति और रफ्तार की परीक्षा नहीं होगा, बल्कि देश-विदेश के प्रतिभागियों के सामने श्रीनगर की खेल, पर्यटन और मेजबानी संबंधी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर भी होगा।
आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सड़क, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली, स्वच्छता और प्रतिभागियों की सुविधाओं से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की जा रही है। उद्देश्य स्पष्ट है कि धावकों को बेहतर अनुभव देना और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना।
42km की चुनौती, आधी दूरी में भी दमखम की परीक्षा
कश्मीर मैराथन में दो प्रमुख श्रेणियां होंगी। पूर्ण मैराथन में प्रतिभागियों को 42.19 किलोमीटर और हाफ मैराथन में 21.09 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। दोनों का एक ही दिन में आयोजन होगा। इन श्रेणियों के माध्यम से लंबी दूरी के अनुभवी धावकों के साथ उन प्रतिभागियों को भी अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा, जो हाफ मैराथन में हिस्सा लेंगे।
आयोजन से पहले श्रीनगर के पोलो ग्राउंड में तीन दिवसीय मैराथन एक्सपो भी आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन की गतिविधियों के संचालन और प्रतिभागियों से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण केंद्र रहेगा।
लंबी दूरी की दौड़ में प्रतिभागियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे अहम होते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मैराथन मार्ग पर 17 सहायता केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है। निर्धारित स्थानों पर स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ पर्याप्त चिकित्सा कर्मचारियों और मेडिकल कैंप की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर धावकों को तत्काल सहायता मिल सके।
यह व्यवस्था आयोजन को केवल प्रतिस्पर्धात्मक खेल तक सीमित रखने के बजाय प्रतिभागियों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन पर केंद्रित रखने की कोशिश का हिस्सा है।
डल झील से मुगल गार्डन तक, खूबसूरती के बीच दौड़ेंगे धावक
आधिकारिक मैराथन वेबसाइट के अनुसार, आयोजन का मार्ग डल झील, बुलेवार्ड रोड, निशात गार्डन और हजरतबल दरगाह जैसे प्रमुख स्थलों से होकर गुजरेगा। इससे प्रतिभागियों को कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता के साथ उसकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
शरद ऋतु में चिनार के बदलते रंग और पहाड़ों की पृष्ठभूमि इस आयोजन को दूसरे शहरों में होने वाली मैराथन से अलग पहचान देते हैं। 'आधिकारिक कश्मीर मैराथन वेबसाइटश' https://kashmirmarathon.jk.gov.in/ पर आयोजन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है।
राष्ट्रीय स्तर पर इस आयोजन का महत्व केवल खेल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है। देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से आने वाले प्रतिभागियों के कारण होटल, परिवहन, स्थानीय खानपान और पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, इसका वास्तविक आर्थिक प्रभाव प्रतिभागियों और उनके साथ आने वाले लोगों की संख्या तथा उनके ठहरने की अवधि पर निर्भर करेगा।
कश्मीर मैराथन के जरिए श्रीनगर को एक ऐसे गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर है, जहां खेल गतिविधियों के साथ प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय आतिथ्य का अनुभव भी किया जा सकता है।
सड़क, सफाई और यातायात पर प्रशासन की कड़ी नजर
डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर अंशुल गर्ग की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने और तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।
सड़क एवं भवन निर्माण विभाग को मैराथन मार्ग के गड्ढे भरने और पेड़ों की छंटाई के साथ मार्ग को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डल झील के आसपास स्वच्छता और मार्ग पर फूलों के गमले लगाने पर भी जोर दिया गया।
यातायात पुलिस निर्धारित पार्किंग स्थलों की जानकारी पहले से सार्वजनिक करेगी। श्रीनगर नगर निगम और केपीडीसीएल को स्ट्रीट लाइटें चालू रखने, जबकि नगर निगम को मार्ग तथा उद्घाटन स्थल पर सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। पोलो ग्राउंड में आवश्यक प्रकाश व्यवस्था स्पोर्ट्स काउंसिल करेगी।
स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं सहित कई एजेंसियां भी आयोजन की तैयारियों में शामिल हैं। प्रशासन का जोर सुरक्षा, बेहतर समन्वय और प्रतिभागियों को सुगम अनुभव उपलब्ध कराने पर है।
