कश्मीर मैराथन में इस बार क्या होगा खास? 1800 से ज्यादा धावक दौड़ेंगे, स्थानीय खिलाड़ियों के लिए अलग पुरस्कार
कश्मीर मैराथन का तीसरा संस्करण 25 अक्टूबर को आयोजित होगा, जिसमें 1800 से अधिक धावक भाग लेंगे, जिनमें 73 विदेशी ...और पढ़ें

कश्मीर मैराथन में 21 और 42 किलोमीटर की दौड़ में उतरेंगे प्रतिभागी।
HighLights
25 अक्टूबर को कश्मीर मैराथन का तीसरा संस्करण।
1800 से अधिक धावक, 73 विदेशी प्रतिभागी शामिल।
खेल पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी में विभाग।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में 25 अक्टूबर को एक बार फिर देश-दुनिया के धावक अपनी रफ्तार का दम दिखाएंगे। कश्मीर मैराथन के तीसरे संस्करण के लिए 1800 से अधिक धावक पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें 73 विदेशी प्रतिभागी भी शामिल हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को लेकर जारी एडवाइजरी और मध्य पूर्व के मौजूदा हालात का असर विदेशी धावकों की भागीदारी पर पड़ा है। पर्यटन विभाग इस आयोजन को केवल एक दौड़ तक सीमित रखने के बजाय कश्मीर की पहचान और खेल पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बनाने की तैयारी में है।
पर्यटन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मैराथन में 513 घरेलू और 1221 स्थानीय धावकों ने भी पंजीकरण कराया है। कुल प्रतिभागियों में 1416 धावक 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन में हिस्सा लेंगे जबकि 391 प्रतिभागियों ने 42 किलोमीटर की फुल मैराथन के लिए नाम दर्ज कराया है। पंजीकरण कराने वालों में 1614 पुरुष और 193 महिलाएं शामिल हैं।
पर्यटन विभाग कश्मीर के निदेशक सैयद कमर सज्जाद ने बताया कि विभाग इस आयोजन को हर साल होने वाले नियमित कार्यक्रम के रूप में स्थापित करना चाहता है। इसके लिए कश्मीर मैराथन को एक विशिष्ट पहचान देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए अलग पुरस्कार श्रेणी शुरू
स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के मूल निवासियों के लिए अलग पुरस्कार श्रेणी शुरू की गई है। सज्जाद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैराथन में अक्सर अफ्रीकी देशों, विशेषकर केन्या के धावकों का दबदबा रहता है। ऐसे में स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देना, फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक लोगों को दौड़ने के लिए प्रेरित करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
एआइएमएस कैलेंडर में शामिल होने से बढ़ेगी पहचान
सज्जाद के अनुसार, एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल मैराथन्स एंड डिस्टेंस रेस (एआइएमएस) के कैलेंडर में कश्मीर मैराथन का शामिल होना इसे नियमित आयोजन के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। इससे खेल आयोजनों के वैश्विक मानचित्र पर कश्मीर की पहचान मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
मैराथन के दोनों मार्ग इस तरह तैयार किए गए हैं कि धावकों को कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की झलक मिले। रास्तों में डल झील, चिनार के पेड़ों और मुगल गार्डन जैसे आकर्षक नजारे देखने को मिलेंगे। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि इस आयोजन से देश-विदेश के अधिक धावक कश्मीर की ओर आकर्षित होंगे और खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
धावकों की मदद के लिए विशेष टीम तैनात
विदेशी धावकों की संख्या पर यात्रा संबंधी एडवाइजरी और मध्य पूर्व के हालात का असर पड़ने के बावजूद विभाग आयोजन की तैयारियों में जुटा है।
सज्जाद ने बताया कि अंतर-विभागीय समिति और कोर ग्रुप तैयारियों का समन्वय कर रहे हैं, जबकि मंडलायुक्त की निगरानी में पुलिस, सुरक्षा बल और प्रशासनिक एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। धावकों की मदद के लिए आवास और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी एक विशेष टीम भी तैनात की गई है।
