'अगर लोगों के पास रोटी नहीं है, तो उन्हें केक खाने दो', गोल्फ कोर्स पर इल्तिजा का तंज; नेकां ने गिनाया पुराना हिसाब
कश्मीर गोल्फ कोर्स के जीर्णोद्धार पर 2 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव पर सियासी विवाद छिड़ गया है। इल्तिजा ...और पढ़ें

कश्मीर गोल्फ कोर्स पर 2 करोड़ खर्च के प्रस्ताव पर इल्तिजा ने सरकार को घेरा। (फाइल फोटो)
HighLights
गोल्फ कोर्स जीर्णोद्धार पर 2 करोड़ के खर्च पर विवाद।
इल्तिजा मुफ्ती ने लोगों की आर्थिक परेशानियों का हवाला दिया।
नेकां ने पीडीपी के सरकारी आवास खर्च पर पलटवार किया।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। कश्मीर गोल्फ कोर्स के जीर्णोद्धार पर सरकार के दो करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को लेकर सियासी विवाद छिड़ गया है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए आम कश्मीरियों की आर्थिक परेशानियों का हवाला दिया, तो सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस (नेकां) ने पलटवार करते हुए पीडीपी के शासनकाल में सरकारी आवास पर हुए खर्च का मुद्दा उठाया है।
सरकार का कहना है कि गोल्फ कोर्स कश्मीर की विरासत है, जबकि पीडीपी को सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देखना चाहिए।
इल्तिजा मुफ्ती ने इंटरनेट मीडिया एक्स हैंडल पर सरकार को घेरते हुए लिखा, 'अगर लोगों के पास रोटी नहीं है, तो उन्हें केक खाने दो। आम कश्मीरी बिजली के भारी बिलों और बेरोजगारी से जूझ रहा है और किसी तरह गुजारा करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकताएं आम लोगों की परेशानियों के प्रति उसकी असंवेदनशीलता दर्शाती हैं।'
फेयरव्यू आवास पर दो दशक में 300 करोड़ खर्च होने का दावा
वहीं, इल्तिजा के आरोपों पर जवाब देते हुए राजनीतिक कार्यकर्ता दानिश इकबाल ने एस्टेट्स विभाग के आंकड़ों का हवाला देकर दावा किया कि फेयरव्यू स्थित सरकारी आवास पर करीब दो दशक में लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस आवास में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और उनके बाद महबूबा मुफ्ती रहे थे।
उन्होंने आरटीआइ रिकार्ड के हवाले से दावा किया कि महबूबा के मुख्यमंत्री रहते जनवरी से जून 2018 के बीच आवास की साज-सज्जा और सामान की खरीद पर करीब 82 लाख रुपये खर्च किए गए।
गोल्फ कोर्स पर नेकां का पीडीपी को जवाब
नेकां प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि इल्तिजा मुफ्ती और पीडीपी नेताओं को गोल्फ कोर्स के महत्व को समझना चाहिए।
उन्होंने रायल स्प्रिंग गोल्फ कोर्स का उल्लेख करते हुए कहा कि जब इसका निर्माण हो रहा था, तब मुफ्ती मोहम्मद सईद ने तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला की आलोचना की थी, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद वह इसी गोल्फ कोर्स में अपने खास मेहमानों से मिलते थे और इसे कश्मीर की नई पहचान बताते थे।
