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कश्मीर में ठंड ने तोड़ा 18 साल का रिकॉर्ड, पाइपों में जमने लगी बर्फ, अभी और गिरेगा पारा

Published: Sat, 29 Nov 2025 08:18 AM (IST)

कश्मीर में ठंड का कहर जारी है, खासकर शोपियां में जहाँ पिछले 18 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। तापमान ...और पढ़ें

कश्मीर में ठंड का कहर जारी (फाइल फोटो)

कश्मीर में ठंड का कहर जारी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. शोपियां में 18 साल का रिकॉर्ड टूटा

  2. पाइपों में बर्फ जमने से पानी बाधित

  3. ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। कश्मीर इन दिनों वर्ष 2007 के बाद का सबसे ठंडा नवंबर झेल रहा है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चल रहा है। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में शोपियां सबसे अधिक ठंड रहा। जबकि श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -4.5 रिकॉर्ड किया गया। पिछली रात बुधवार को श्रीनगर में सीजन की ठंडी रात दर्ज की। यहां न्यूनतम तापमान माइनस 4.5 डिग्री रहा।

घाटी में शीतलहर और अधिक तेज हो गई है। वहीं जम्मू में खिलकर धूप निकली। यहां अधिकतम तापमान 24.6 और न्यूनतम तापमान 9. 4 डिग्री रहा। मौसम विभाग का कहना है कि रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है, यानी कि और भी ज्यादा कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है।

श्रीनगर में 28 नवंबर 2007 को न्यूनतम तापमान -4.8 डिग्री सेल्सियस था। शुक्रवार को श्रीनगर समेत सभी स्थानों पर तापमान जमाव बिंदु से नीचे बना रहा। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -4.5 रिकॉर्ड किया।

पंपोर में न्यूनतम तापमान -6.0 डिग्री, अनंतनाग और पुलवामा में तापमान माइनस -6.2 डिग्री रहा। शोपियां न्यूनतम तापमान माइनस 6.7 डिग्री के साथ घाटी का ठंडा क्षेत्र बना रहा।

जमाव बिंदू से नीचे रहा तापमान

बारामूला में न्यूनतम तापमान - 5.9 डिग्री, पहलगाम में - 5.5 डिग्री, कुपवाड़ा, अवंतीपोरा और बड़गाम में -4.8 डिग्री, बांडीपोरा में -4.9 डिग्री, गांदरबल में -3.5 डिग्री, कोकरनाग में -1.8 डिग्री, गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान -1.4 डिग्री रिकॉर्ड किया। मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2007 में नवंबर में घाटी में न्यूनतम तापमान महीने के आरंभ से जमाव बिंदु से नीचे बना रहा था।

उस वर्ष श्रीनगर में नवंबर में घाटी में न्यूनतम तापमान औसतन माइनस तीन से माइनस चार डिग्री के आसपास रहा था। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद ने बताया कि जब तक बारिश नहीं होती तब तक कड़ाके की ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ता जाएगा।

कई इलाकों में पानी के पाइप जमने लगी है। घाटी में ठंड नहीं बढ़ रही, बल्कि सूखे की स्थिति चिंता बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग राहत की कोई उम्मीद नहीं दिखा रहा।