बिना चेयरमैन के कैसे होंगी भर्तियां? JKPSC में 3 अहम पद खाली, सिर्फ 2 सदस्य संभाल रहे आयोग; प्रमोशन भी अटके
जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) में चेयरमैन और दो सदस्यों के पद खाली होने से भर्ती प्रक्रिया और कर्मचारियों की पदोन्नति पर असर पड़ रहा है।

JKPSC में सिर्फ 2 के भरोसे भर्ती प्रक्रिया, अभ्यर्थी कर रहे इंतजार।
HighLights
जेकेपीएससी में चेयरमैन पद एक माह से खाली है।
आयोग में दो महत्वपूर्ण सदस्य पद भी रिक्त पड़े हैं।
राजपत्रित पदों की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित।
नवीन नवाज, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) में शीर्ष पदों की रिक्तियां अब भर्ती प्रक्रिया पर असर डालने लगी हैं। आयोग पिछले करीब एक महीने से बिना चेयरमैन के काम कर रहा है, जबकि दो सदस्य पद भी लंबे समय से खाली हैं। ऐसे में राजपत्रित सरकारी पदों पर भर्ती, विभागीय परीक्षाओं और कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े मामलों की प्रक्रिया प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। हाल के महीनों में विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अब परीक्षाओं और साक्षात्कार के कार्यक्रम का इंतजार है।
आयोग के चेयरमैन एके चौधरी का कार्यकाल पूरा होने के बाद वह 15 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। जम्मू-कश्मीर कैडर के पूर्व आइपीएस अधिकारी चौधरी को 24 फरवरी 2024 को आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
इससे पहले आयोग के दो सदस्य यशपाल कोतवाल और तारिक अहमद जरगर भी अपने कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। कोतवाल दो जनवरी 2026 को, जबकि जरगर 19 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए। दोनों की नियुक्ति 13 जून 2024 को आयोग के सदस्य के रूप में हुई थी। इन दोनों रिक्तियों को भी अभी नहीं भरा गया है।
दो सदस्यों के भरोसे आयोग
चेयरमैन और दो सदस्यों के पद खाली होने के बाद फिलहाल आयोग में केवल दो सदस्य कार्यरत हैं। इनमें डॉ. राजीव सिंह और आसफ महमूद सागर शामिल हैं। डॉ. राजीव सिंह सकासट-जम्मू के पूर्व प्रोफेसर हैं।
उन्हें जून 2024 में सदस्य नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल दिसंबर 2029 तक है। वहीं, पूर्व आइएफएस अधिकारी आसफ महमूद सागर को 10 जुलाई 2024 को आयोग का सदस्य बनाया गया था।
उनका कार्यकाल अगस्त 2028 तक है। इसके अलावा वरिष्ठ जेकेएएस अधिकारी शाहबाज अहमद मिर्जा को एक सितंबर 2026 को आयोग का सचिव नियुक्त किया गया है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का परीक्षा कार्यक्रम भी लंबित
आयोग की ओर से हाल में विभिन्न राजपत्रित पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किए गए हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी अब परीक्षा कार्यक्रम घोषित होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अभ्यर्थी इकबाल जरगर ने कहा कि आयोग ने कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के कई पदों के लिए भर्ती निकाली है, लेकिन अभी तक परीक्षा की तारीख और कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण इसी पर निर्भर करते हैं।
आठ सदस्यों के पद स्वीकृत
जेकेपीएससी में चेयरमैन के अलावा आठ सदस्यों के पद स्वीकृत हैं। वर्ष 2019 और 2020 में आयोग सात सदस्यों और एक चेयरमैन के साथ काम कर चुका है। हालांकि वर्ष 2024 से आयोग चार सदस्यों और एक चेयरमैन के साथ ही संचालित होता रहा है। अब चेयरमैन समेत तीन पद रिक्त होने से आयोग में कार्यरत सदस्यों की संख्या घटकर दो रह गई है।
आयोग की भूमिका जम्मू-कश्मीर की विभिन्न राजपत्रित सेवाओं में नियुक्ति के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं और साक्षात्कार आयोजित करने की है। इसके अलावा सिविल सेवाओं में भर्ती के तरीकों से संबंधित मामलों में सरकार को सलाह देना भी आयोग के दायित्वों में शामिल है।
आयोग लेखा और सचिवालय सेवाओं के लिए विभागीय परीक्षाएं आयोजित करने के साथ-साथ कर्मचारियों की राजपत्रित पदों पर पदोन्नति से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय करता है।
दो साल में 1,873 अभ्यर्थियों की भर्ती की सिफारिश
आंकड़ों के मुताबिक, जेकेपीएससी ने वर्ष 2024-25 के दौरान विभिन्न राजपत्रित पदों के लिए 721 अभ्यर्थियों की भर्ती की। वहीं वर्ष 2025-26 में आयोग ने 1,152 अभ्यर्थियों की राजपत्रित पदों पर नियुक्ति के लिए सिफारिश की। यानी इन दो वर्षों में आयोग ने कुल 1,873 अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की।
