कम नंबर आए तो न हों परेशान, अब करा सकेंगे आंसर शीट की दोबारा जांच; जम्मू-कश्मीर बोर्ड ने 20% अंकों की शर्त हटाई
जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (JKBOSE) ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए न्यूनतम 20% अंक की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।

जम्मू-कश्मीर में कॉपी रीचेक कराने का नियम बदला। (फाइल फोटो)
HighLights
JKBOSE ने पुनर्मूल्यांकन की न्यूनतम अंक शर्त हटाई।
कम अंक पाने वाले छात्र भी अब आवेदन कर सकेंगे।
यह निर्णय 10वीं, 12वीं सहित कई परीक्षाओं पर लागू।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों से असंतुष्ट विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। जम्मू-कश्मीर बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन (जेकेबीओएसइ) ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए निर्धारित न्यूनतम 20 प्रतिशत अंक हासिल करने की अनिवार्यता खत्म कर दी है।
अब किसी विषय में कम अंक मिलने पर भी विद्यार्थी अपनी उत्तर पुस्तिका दोबारा जांचने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इस फैसले से उन परीक्षार्थियों को भी मौका मिलेगा, जो पहले तय अंकों की शर्त पूरी नहीं कर पाने के कारण पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं कर सकते थे।
20 प्रतिशत अंक हासिल करने की शर्त हटाई
बोर्ड के अकादमिक डिवीजन की ओर से बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार यह फैसला 29 मई 2006 को जारी पुराने आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए लिया गया है।
पुराने नियम के तहत केवल उन्हीं विषयों में पुनर्मूल्यांकन की अनुमति थी, जिनमें परीक्षार्थी कुल अंकों का कम से कम 20 प्रतिशत हासिल करते थे। नई व्यवस्था में इस सीमा को हटा दिया गया है।
10वीं से 12वीं तक की परीक्षाओं में लागू होगा नया नियम
बोर्ड का यह निर्णय कई प्रमुख परीक्षाओं पर लागू होगा। इनमें 10वीं, 11वीं, 12वीं, डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डी.इआइ.इडी) और जम्मू-कश्मीर स्टेट ओपन स्कूल की 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं भी शामिल हैं।
