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'बच्चा अस्पताल में है, गलती से ज्यादा पैसे भेज दिए', जम्मू-कश्मीर में ठगी का नया पैंतरा; पुलिस ने जारी किया अलर्ट

Published: Wed, 28 Oct 2026 05:23 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अस्पताल में बच्चे के इलाज के बहाने होने वाली ठगी के नए तरीके को लेकर चेतावनी जारी ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में अस्पताल के नाम पर ठगी का नया जाल। (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर में अस्पताल के नाम पर ठगी का नया जाल। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. अस्पताल में बच्चे के नाम पर ठग बिछा रहे जाल।

  2. फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट भेजकर अतिरिक्त पैसे मांगते हैं।

  3. बैंक बैलेंस जांचे, ठगी होने पर 1930 पर शिकायत करें।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। अगर आपके पास किसी अनजान व्यक्ति का मैसेज आए कि उसके बच्चे का अस्पताल में इलाज चल रहा है और गलती से आपके खाते में ज्यादा पैसे भेज दिए हैं, तो सावधान हो जाइए। यह मदद नहीं, बल्कि ठगी का नया पैंतरा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इसी फर्जी पेमेंट स्कैम को लेकर लोगों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है।

पुलिस के मुताबिक, ठग सबसे पहले इमोशनल ट्रैप बिछाते हैं। वे फोन या मैसेज कर बताते हैं कि उनका बच्चा अस्पताल में भर्ती है और उन्हें तुरंत पैसों की जरूरत है। इमरजेंसी का हवाला देकर वे लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। कई लोग मानवता के नाते उनकी बातों में आ जाते हैं।

पैसे वापस करने की जल्दबाजी पड़ सकती है भारी

भरोसा जीतने के बाद ठग दूसरा दांव खेलते हैं। वे आपके मोबाइल पर बैंक का फर्जी एसएमएस अलर्ट या पेमेंट का नकली स्क्रीनशॉट भेजते हैं, जिसमें दिखाया जाता है कि आपके खाते में पैसा क्रेडिट हो गया है। जबकि हकीकत में कोई पैसा आता ही नहीं है।

इसके तुरंत बाद वे फोन कर कहते हैं कि गलती से ज्यादा रकम ट्रांसफर हो गई है और आपसे गुजारिश करते हैं कि अतिरिक्त पैसे वापस लौटा दें। लोग बिना अपना बैंक बैलेंस चेक किए ही रकम वापस कर देते हैं और ठगी का शिकार बन जाते हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस की लोगों से अपील

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी कहानी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति को पैसा वापस करने से पहले अपने बैंक खाते या आधिकारिक बैंक ऐप में जाकर बैलेंस जरूर वेरिफाई करें। फर्जी स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें।

पुलिस ने कहा है कि यदि कोई इस तरह की ठगी का शिकार होता है तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। सतर्कता ही इस स्कैम से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।