10 हजार का फ्री गिफ्ट, भारी डिस्काउंट... आपको तो नहीं आया ऐसा ऑफर? खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, J&K पुलिस का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नागरिकों को साइबर अपराधियों द्वारा पैसे और डेटा चुराने वाले फ़र्ज़ी सोशल मीडिया विज्ञापनों से सावधान रहने ...और पढ़ें

जेके पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की। (फाइल फोटो)
HighLights
साइबर अपराधी फ़र्ज़ी सोशल मीडिया विज्ञापनों से डेटा चुरा रहे हैं।
संदिग्ध ऑफ़र और अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से बचें।
साइबर धोखाधड़ी की शिकायत 1930 पर तुरंत करें।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नागरिकों के लिए एक एडवाइज़री जारी की है। इसमें साइबर अपराधियों द्वारा पैसे, निजी डेटा और पहचान चुराने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फर्ज़ी और संदिग्ध सोशल मीडिया विज्ञापनों से सावधान रहने को कहा गया है।
पुलिस के अुसार स्कैमर्स बड़े सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म पर स्पान्सर्ड पोस्ट का इस्तेमाल करके धोखे वाले आफर का प्रचार कर रहे हैं। इनमें 10,000 रुपये तक के मुफ़्त गिफ़्ट, भारी छूट और आसान रिटर्न जैसे ऑफ़र शामिल हैं। अक्सर इनके साथ अनजान या संदिग्ध अकाउंट से जरूरी मैसेज और लिंक भी भेजे जाते हैं।
एक लिंक से OTP और बैंक डिटेल पर नजर
एडवाइजरी के अनुसार धोखाधड़ी करने वाले जाने-माने ब्रांड्स की नकल करते हैं और विज्ञापनों को असली दिखाने के लिए फर्ज़ी लोगो या मशहूर हस्तियों के नाम का इस्तेमाल करते हैं। पीड़ितों को धोखे वाले लिंक पर भेजा जा सकता है और उनसे संवेदनशील पर्सनल या फ़ाइनेंशियल जानकारी (जैसे वन-टाइम पासवर्ड) देने के लिए मनाया जा सकता है।
लुभावने ऑफर पर भरोसा करने से पहले रहें सावधान
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे आनलाइन विज्ञापनों के सोर्स की जांच करें, ऐसे आफ़र पर शक करें जो सच होने के लिए बहुत अच्छे लगते हैं, और बैंकिंग या अन्य संवेदनशील जानकारी शेयर करने से बचें।
नागरिकों से यह भी कहा गया है कि वे अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले अच्छी तरह सोच-समझ लें और संदिग्ध विज्ञापनों या अकाउंट्स की रिपोर्ट करें।
नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें
जो लोग साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, उन्हें तुरंत नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए या साइबरक्राइम.गोव.इन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
