138 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 4 हजार गिरफ्तार... सितंबर में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने क्या-क्या किया? जानें पूरी कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सितंबर में आतंकवाद और नशे के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की, जिसमें 138 करोड़ रुपये से अधिक ...और पढ़ें

आतंकवाद और नशे पर जम्मू-कश्मीर पुलिस का प्रहार। (फाइल फोटो)
HighLights
सितंबर में 3,257 नशा तस्करी के मामले दर्ज किए गए।
पुलिस ने 138 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की।
युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और नशे के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के साथ पुलिस ने युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया है। सितंबर माह में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद विरोधी अभियानों, मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई, अपराध नियंत्रण और जनसंपर्क के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रभात कुमार ने गुरुवार को श्रीनगर के डल झील स्थित लेक व्यू एनवायरनमेंटल पार्क, पुलिस गोल्फ कोर्स में आयोजित रन फॉर यूनिटी मैराथन के समापन समारोह में पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी दी।
डीजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस बहुआयामी रणनीति के तहत काम कर रही है। आतंकवाद के खिलाफ अभियान के साथ-साथ नशीले पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई, अपराध की रोकथाम और युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है।
नशे के नेटवर्क पर कसा शिकंजा
नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने बताया कि अब तक 3,257 मामले दर्ज किए गए हैं और 2,500 से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है। इस अभियान के तहत करीब 4,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 170 मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित की गई है।
नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति पर भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डीजीपी के अनुसार, अब तक 138 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 288 संपत्तियां कुर्क की गई हैं। इसके अलावा 80 लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई है।
नशे की तस्करी और इसके नेटवर्क को तोड़ने के लिए निवारक कार्रवाई भी जारी है। डीजीपी ने बताया कि PIT-NDPS अधिनियम के तहत 144 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी
डीजीपी प्रभात कुमार ने कहा कि सितंबर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी पुलिस ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पुलिस आतंकवादियों और उनके मददगारों के नेटवर्क को ध्वस्त करने तथा उनके मंसूबों को विफल करने के लिए लगातार अभियान चला रही है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ पुलिस की कोशिश है कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति का माहौल और मजबूत हो।
अमरनाथ यात्रा में 19 माउंटेन रेस्क्यू टीमें तैनात
वार्षिक अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा और बचाव व्यवस्था का उल्लेख करते हुए डीजीपी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा दुर्गम क्षेत्रों में आपात स्थिति से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस की 19 माउंटेन रेस्क्यू टीमें तैनात की गई थीं।
उन्होंने गुलमर्ग गोंडोला हादसे के बाद चलाए गए बचाव अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस की माउंटेन रेस्क्यू टीमों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के जवानों की भूमिका की सराहना की। हादसे के बाद फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दलों ने अभियान चलाया था।
पर्वतारोहण से लेकर एशियाई चैंपियनशिप तक चमके पुलिसकर्मी
डीजीपी ने जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस के जवानों की खेल और पर्वतारोहण के क्षेत्र में उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने लद्दाख के कांग यत्से और अनंतनाग के माउंट कोलाहोई पर सफल पर्वतारोहण अभियानों का उल्लेख किया।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक खिलाड़ी द्वारा वियतनाम में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में पदक जीतने की उपलब्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अब पारंपरिक पुलिसिंग के साथ खेल और अन्य साहसिक गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
युवाओं को जोड़ने पर जोर
डीजीपी ने पुलिस के खेल आयोजनों में बच्चों और युवाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि युवा हिंसा के बजाय शांति और विनाश के बजाय विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं और सिविक एक्शन प्रोग्राम के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डीजीपी ने कहा, 'आपकी वजह से जम्मू-कश्मीर पुलिस का युवाओं के साथ संपर्क दिन-ब-दिन और मजबूत हो रहा है।'
डल झील में आयोजित रन फॉर यूनिटी मैराथन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजन के माध्यम से एकता, फिटनेस और शांति का संदेश देने के साथ पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
डीजीपी ने कहा कि सितंबर में पुलिस की उपलब्धियां आतंकवाद विरोधी अभियान, नशे के खिलाफ कार्रवाई, जनसुरक्षा, बचाव सेवाओं और युवाओं के साथ बेहतर जुड़ाव की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम हैं।
