प्लानिंग सिस्टम का क्या हुआ? विधायक तारिगामी ने पूछा सवाल, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सरकार ने बताया पूरा अपडेट
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने राज्य के प्लानिंग सिस्टम को मजबूत करने के सरकार के कदमों पर ...और पढ़ें

सरकार ने कहा- समीक्षा में कई पहलुओं को देखा जा रहा। (फाइल फोटो)
HighLights
विधायक तारिगामी ने जम्मू-कश्मीर के प्लानिंग सिस्टम पर सरकार से सवाल पूछे।
सरकार ने जवाब में बताया, प्लानिंग विभाग की भूमिका की समीक्षा जारी है।
प्रशासनिक, संगठनात्मक, वित्तीय पहलुओं की समीक्षा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सत्र में प्रदेश के प्लानिंग सिस्टम को मजबूत और प्रभावी बनाने का मुद्दा उठा। कुलगाम के विधायक मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने सरकार से पूछा कि बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से प्लानिंग फंक्शन को मजबूत, पुनर्गठित और पुनर्जीवित करने की बात के बाद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
तरिगामी ने यह भी जानना चाहा कि क्या इस संबंध में कोई कैबिनेट निर्णय, सरकारी आदेश या औपचारिक प्रस्ताव तैयार हुआ है।
सवाल में जिला और ब्लॉक स्तर पर प्लानिंग सेल, विकेंद्रीकृत योजना व्यवस्था तथा जिला विकास परिषदों, स्थानीय निकायों और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का मुद्दा भी उठाया गया।
प्लानिंग विभाग की भूमिका और ढांचे की समीक्षा जारी
सरकार ने लिखित जवाब में बताया कि प्लानिंग डेवलपमेंट एंड मॉनिटरिंग विभाग की भूमिका, कार्यात्मक दायित्व और संगठनात्मक व्यवस्था की समीक्षा चल रही है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग और संबंधित प्लानिंग विभाग के बीच विचार-विमर्श जारी है।
प्लानिंग व्यवस्था के हर पहलू की समीक्षा
सरकार के मुताबिक समीक्षा में परियोजना अनुमोदन, विकास योजना, जिम्मेदारियों के आवंटन, मॉनिटरिंग और मूल्यांकन व्यवस्था समेत प्रशासनिक, संगठनात्मक और वित्तीय पहलुओं को देखा जा रहा है।
समीक्षा पूरी होने के बाद सभी पहलुओं पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा। यानी फिलहाल नई प्लानिंग व्यवस्था पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
