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जम्मू-कश्मीर में NHM कर्मचारियों की हड़ताल बढ़ी! मंत्री सकीना इट्टू सख्त, बोलीं- काम पर लौटें, वरना होगी कार्रवाई

Published: Sat, 12 Sep 2026 04:35 PM (IST)

मंत्री सकीना इट्टू ने जम्मू-कश्मीर में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल 72 घंटे बढ़ने पर कड़ी चेतावनी दी है कि काम पर न लौटने पर सरकार कार्रवाई करेगी।

सकीना इट्टू ने कहा, 'अगर कर्मचारी विरोध पर रहे तो सरकार कार्रवाई करेगी। (फाइल फोटो)

सकीना इट्टू ने कहा, 'अगर कर्मचारी विरोध पर रहे तो सरकार कार्रवाई करेगी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मंत्री सकीना इट्टू ने हड़ताली एनएचएम कर्मियों को चेतावनी दी।

  2. कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल 72 घंटे और बढ़ा दी है।

  3. नियमितीकरण और समान वेतन मुख्य मांगों में शामिल हैं।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में नेशनल हेल्थ मिशन के 12 हजार कर्मचारियों द्वारा हड़ताल 72 घंटे और बढ़ाए जाने पर स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर कर्मचारी इसी तरह विरोध पर रहे तो सरकार कार्रवाई करने को मजबूर होगी। मंत्री ने कर्मियों से तुरंत काम पर लौटने की अपील की।

सकीना इट्टू ने कहा कि अगर वे इस तरह हड़ताल पर जाएंगे तो यह ठीक नहीं है। कई बार सरकार को ऐसा कदम उठाना पड़ता है जो हम नहीं उठाना चाहते। एनएचएम कर्मी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी गैरहाजिरी से जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और एनटीईपी समेत सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को भारी दिक्कत हो रही है।

सरकार उनकी मांगों पर आंख बंद नहीं किए है। उनकी शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, 'दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के सामने कम वेतन का मुद्दा उठाया था। मैंने बताया कि इनका वेतन बहुत कम है, आजकल महंगाई बहुत है। उन्होंने इसे माना है। वह जल्द केंद्र को फिर रिमाइंडर भेजेंगी। छुट्टी के वेतन और पेंशन लाभ जैसे मामलों पर जम्मू-कश्मीर सरकार खुद विचार कर रही है।'

भाजपा ने इन कर्मियों के लिए क्या किया?

इस दौरान इट्टू ने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों से पूछना चाहती हूं जो उनके धरने में जाकर बैठते हैं, 2019 के बाद यहां किसकी सरकार है? केंद्र में भाजपा की सरकार है। 2019 से भाजपा ने इन कर्मियों के लिए क्या किया?

वहीं दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर एनएचएम एम्प्लाइज एसोसिएशन ने 14 सितंबर तक हड़ताल बढ़ाने का ऐलान किया है। एसोसिएशन के मुख्य प्रवक्ता अब्दुल रऊफ ने बताया कि 8 सितंबर की बातचीत में लिखित आश्वासन या समयबद्ध रोडमैप न मिलने से यह फैसला लिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और विधायकों से हस्तक्षेप की मांग की।

एनएचएम कर्मचारियों की मुख्य मांगे

कर्मचारियों की मांग है कि 20 साल से काम कर रहे कर्मियों के लिए नियमितीकरण नीति बने, नौकरी-सामाजिक सुरक्षा, रिटायरमेंट लाभ, मेडिकल इंश्योरेंस मिले, समान काम का समान वेतन और 7वें वेतन आयोग को लागू किया जाए और खाली पदों पर एनएचएम कर्मियों को लगाया जाए।

रऊफ ने कहा कि 2 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित हड़ताल से पहले सरकार ने 2 महीने का समय मांगा था, इसलिए हड़ताल टाली गई थी, लेकिन सरकार ने मामला 6 महीने तक लटका दिया, जिससे 1 सितंबर से दोबारा आंदोलन शुरू करना पड़ा। इसके बाद भी 8 सितंबर की बैठक में भी कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला, जिसके बाद कर्मचारी 3 दिन की हड़ताल पर गए थे, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।

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