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कारोबार से पेंशन तक... जम्मू-कश्मीर में बदलेंगे कई बड़े नियम, विधवा-तलाकशुदा बेटियों को भी मिलेगा लाभ

Published: Thu, 08 Oct 2026 02:30 PM (IST)

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा से पारित छह महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी है। इनमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में छह विधेयकों को मिली LG की मंजूरी।

जम्मू-कश्मीर में छह विधेयकों को मिली LG की मंजूरी। 

HighLights

  1. उपराज्यपाल ने छह महत्वपूर्ण विधेयकों को अंतिम मंजूरी दी।

  2. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को तीन साल का संरक्षण मिलेगा।

  3. पूर्व विधायकों की मासिक पेंशन 50 से 60 हजार हुई।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विधानसभा के 21 से 30 सितंबर तक चले शरदकालीन सत्र में पारित छह महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश में इन कानूनों के प्रावधान लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। संबंधित विभाग अब आवश्यक नियम, दिशा-निर्देश और अधिसूचनाएं जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

मंजूर किए गए विधेयकों में सहकारी समितियां (संशोधन), नगरपालिका (संशोधन), ईज आफ डूइंग बिजनेस, वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन), राज्य विधानमंडल सदस्यों की पेंशन (संशोधन) और जन विश्वास तृतीय (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक शामिल हैं।

उद्यमों को तीन साल का संरक्षण

ईज आफ डूइंग बिजनेस कानून के तहत उद्यमों को अनुमोदन, अनुमति, पंजीकरण, लाइसेंस और अन्य नियामकीय आवश्यकताओं से जुड़े निरीक्षण या कार्रवाई से तीन वर्ष तक संरक्षण मिलेगा। हालांकि, संबंधित उपायुक्त की अनुमति से निरीक्षण या कार्रवाई की जा सकेगी।

स्वीकृत औद्योगिक पार्कों में स्थापित होने वाले उद्यमों को जिला सशक्त समितियों के माध्यम से तीन कार्य दिवसों में सैद्धांतिक मंजूरी प्रमाणपत्र देने का भी प्रावधान है। इन कदमों का उद्देश्य निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना तथा कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।

छोटे उल्लंघनों पर घटेगा आपराधिक बोझ

जन विश्वास संशोधन के तहत मामूली नियामकीय उल्लंघनों के लिए कारावास के स्थान पर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 23 अधिनियमों में संशोधन और दो अप्रासंगिक पुराने कानूनों को समाप्त करने का प्रावधान है।

जीएसटी और नगर प्रशासन में बदलाव

जीएसटी संशोधन के जरिए जम्मू-कश्मीर की कर व्यवस्था को केंद्रीय कानून में किए गए बदलावों के अनुरूप बनाया गया है। इससे अनुपालन सरल होने और अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होने की उम्मीद है। नगरपालिका संशोधन में नगर निकायों के चुनाव से जुड़े मामलों में निर्वाचन आयोग और प्रशासन की भूमिकाएं स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।

पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ी

संशोधन के बाद पूर्व विधायकों की मासिक पेंशन 50 हजार से बढ़कर 60 हजार रुपये हो गई है। पारिवारिक पेंशन के दायरे में विधवा और तलाकशुदा बेटियों को भी शामिल किया गया है।

सहकारी समितियों से जुड़े कानून में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। अब विभाग इन सभी विधायी प्रावधानों को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाएंगे।