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बिजली चोरी की तो खैर नहीं, पकड़े जाते ही कटेगा कनेक्शन; जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अधिकारियों को मिली बड़ी पावर

Published: Sat, 03 Oct 2026 03:36 PM (IST)

JERC ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिजली चोरी रोकने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अब बिजली विभाग के ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिजली चोरी पर नकेल।  (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिजली चोरी पर नकेल। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. JERC ने बिजली चोरी पर तत्काल कार्रवाई के लिए नया आदेश जारी किया।

  2. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बिजली कनेक्शन काटने का अधिकार मिला।

  3. अधिकारियों को चोरी पकड़े जाने पर तुरंत सप्लाई डिस्कनेक्ट करने की शक्ति।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। बिजली की चोरी करने वालों की अब खैर नहीं है। बिजली विभाग के जाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोकल डिसकाम के अधिकारियों को बिजली चोरी का पता चलने पर तुरंत कनेक्शन काटने का अधिकार दिया है।

बता देते हैं कि जेईआरसी द्वारा इस सिलसिले में जारी एक बयान जारी कर संबंधित अधिकारियों को बिजली चोरी का पता चलने पर सप्लाई काटने का अधिकार देने की बात कही गई थी।

जेईआरसी ने कहा कि अपने अधिकार क्षेत्र में इस पावर का इस्तेमाल करने के लिए सक्षम अधिकारियों को बताने के लिए, कमीशन इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 के सेक्शन 135 (1ए) के पहले प्रोविज़ो द्वारा दी गई पावर का इस्तेमाल करते हुए केपीडीसीएल के अधिकारियों को सेक्शन 135(1) के तहत बिजली चोरी का पता चलने पर एक्ट और लागू इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड के तहत उचित कार्रवाई करने का अधिकार है, जबकि यह प्रावधान जम्मू व लद्दाख क्षेत्र के लिए भी लागू किया गया है।

आदेश में क्या है?

आदेश में लिखा है कि संबंधित इलेक्ट्रिक डिस्ट्रीब्यूशन सब-डिवीजन के इंचार्ज के तौर पर फिलहाल तैनात अधिकारियों का ऑथराइज़ेशन, उनके इलाके के अधिकार क्षेत्र में सेक्शन 135(2) के तहत ऑथराइज़ेशन होने से अलग है।
 
संबंधित लाइसेंसी या सप्लायर के आथराइज़्ड रैंक से ऊपर के रैंक के अधिकारी भी सेक्शन 135(1ए) के पहले प्रोविज़ो के हिसाब से अपने अधिकार क्षेत्र में डिस्कनेक्शन की पावर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

डिस्कनेक्शन की अनुमति, सर्च के लिए अलग आथराइजेशन जरूरी

कमिशन ने यह भी कहा कि यह आर्डर सिर्फ़ सेक्शन 135(1ए) के तहत डिस्कनेक्शन के लिए आथराइज़ेशन देता है। सेक्शन 135(2) के तहत एंट्री, इंस्पेक्शन, सर्च और सीज़ करने की पावर का इस्तेमाल सिर्फ़ उस सब-सेक्शन के तहत अलग से आथराइज़्ड अधिकारियों द्वारा किया जाएगा, जो सेक्शन 135(3) और 135(4) और लागू सप्लाई कोड में दिए गए सेफ़गार्ड के अधीन होगा।

इसमें यह भी कहा गया है कि जहां ज़रूरी होगा, संबंधित यूटिलिटी ऐसे अलग आथराइज़ेशन का मामला सक्षम सरकारी अथारिटी के साथ उठाएगी।

सप्लाई कोड के मुताबिक होगी कार्रवाई

कमीशन के अनुसार सभी एक्शन जेईआरसी के यूटी जम्मू और कश्मीर और यूटी लद्दाख (इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड) रेगुलेशन, 2023 के अनुसार होंगे, जैसा कि बदला गया है, जिसमें इंस्पेक्शन, सबूत, असेसमेंट और कंज्यूमर सेफगार्ड के लिए लागू ज़रूरतें शामिल हैं।

आदेश में लिखा है, हर यूटिलिटी ज़रूरत पड़ने पर कमिशन के सामने डिस्कनेक्शन, पुलिस कंप्लेंट और प्रोडक्शन के लिए सप्लाई बहाल करने का रिकॉर्ड रखेगी। आयोग ने कहा कि यह आदेश जारी होने की तारीख से लागू होगा।