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जम्मू-कश्मीर में अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता साफ, सरकार का बड़ा कदम; जानें किसे मिलेगा लाभ

Published: Thu, 15 Oct 2026 01:17 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों में वर्षों से अस्थायी तौर पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे ...और पढ़ें

अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण पर उमर सरकार की पहल। (एआई जेनरेटेड)

अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण पर उमर सरकार की पहल। (एआई जेनरेटेड)

HighLights

  1. अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

  2. जम्मू-श्रीनगर निगम के विनियमों को आधार बनाया जाएगा।

  3. पात्र कर्मचारियों के लिए एक समान तंत्र बनेगा।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों में वर्षों से अस्थायी तौर पर काम कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। सरकार ने पात्र कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की दिशा में एक समान व्यवस्था तैयार करने के लिए बुधवार को जम्मू और श्रीनगर नगर निगमों के चतुर्थ श्रेणी सेवा (विशेष प्रविधान) विनियम, 2014 को आवश्यक बदलावों के साथ अपनाने की मंजूरी दे दी।

आवास एवं शहरी विकास विभाग के एक आदेश में उक्त विनियमों को प्रदेश के अन्य शहरी स्थानीय निकायों में भी पात्र कर्मचारियों के नियमितीकरण की व्यवस्था तैयार करने का आधार बनाया जाएगा।

अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए बनेगा एक समान तंत्र

सरकार ने अपने इस फैसले में आकस्मिक श्रमिकों, आकस्मिक भुगतान वाले कर्मचारियों, समेकित वेतन पर कार्यरत कर्मियों और इसी तरह की अन्य श्रेणियों में शामिल कर्मचारियों को ध्यान में रखा है। सरकार का लक्ष्य संबंधित कर्मचारियों के नियमितीकरण का एक प्रभावी और एक समान तंत्र तैयार करना है।

वर्ष 2014 के विनियम मूल रूप से जम्मू और श्रीनगर नगर निगमों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए बनाए गए थे। अब इन्हें आवश्यक बदलावों के साथ व्यापक शहरी स्थानीय निकाय व्यवस्था के लिए आधार बनाया जाएगा। इससे विभिन्न नगर निकायों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों के मामलों पर एक समान ढांचे के तहत विचार करने का रास्ता खुल सकता है।

सभी अस्थायी कर्मचारी तुरंत नहीं होंगे नियमित

उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न नगर निकायों में बड़ी संख्या में कर्मचारी लंबे समय से अस्थायी रूप से सेवाएं दे रहे हैं। नियमितीकरण की मांग इन कर्मचारियों के लिए लंबे समय से अहम मुद्दा रही है। हालांकि, विनियमों को अपनाने की मंजूरी का अर्थ यह नहीं है कि सभी अस्थायी कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल नियमित कर दी जाएंगी।