पहली बार ट्रेन से घाटी पहुंचा सीमेंट! कठुआ से अनंतनाग भेजी गई पहली खेप, जम्मू मंडल ने बनाया नया रिकॉर्ड
जम्मू मंडल में पहली बार कठुआ रेलवे स्टेशन से अनंतनाग गुड्स शेड के लिए 66 टन सीमेंट की आउटवर्ड लोडिंग ...और पढ़ें

जम्मू मंडल में पहली बार शुरू हुई आउटवर्ड लोडिंग।
HighLights
जम्मू मंडल में पहली बार सीमेंट की आउटवर्ड लोडिंग हुई।
कठुआ से अनंतनाग के लिए 66 टन सीमेंट भेजा गया।
जम्मू-कश्मीर में रेल से निर्माण सामग्री ढुलाई को बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू मंडल के इतिहास में सोमवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई। मंडल में पहली बार अपने ही एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक सीमेंट की आउटवर्ड लोडिंग कर उसे रेल मार्ग से भेजा गया।
जम्मू मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों से शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ रेलवे स्टेशन से अनंतनाग गुड्स शेड के लिए सीमेंट की पहली खेप रवाना की गई।इससे जम्मू-कश्मीर में रेल के माध्यम से निर्माण सामग्री की ढुलाई को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एक बीसीएन वैगन में करीब 66 टन वजन के लगभग 1320 बैग सीमेंट लोड किए गए। यह खेप गणपति सीमेंट, कठुआ द्वारा बुक कराई गई है।
पहली बार कठुआ से अनंतनाग तक रेल से पहुंचा सीमेंट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इससे पहले कठुआ सहित अन्य प्रमुख रेल परिसरों में सीमेंट मुख्य रूप से इनवर्ड ट्रैफिक के रूप में बाहर से आता था, जबकि घाटी में निर्माण सामग्री की आपूर्ति सड़क मार्ग से की जाती थी। पहली बार कठुआ से अनंतनाग के बीच इस तरह का आंतरिक माल यातायात शुरू हुआ है।
निर्माण सामग्री की ढुलाई में रेलवे का बड़ा फायदा
रेलवे के इस कदम से निर्माण सामग्री को घाटी तक पहुंचाने के लिए किफायती, सुरक्षित और अपेक्षाकृत तेज परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा। साथ ही सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने से पर्यावरण-अनुकूल माल ढुलाई को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस पहल से जम्मू मंडल के माल राजस्व में वृद्धि की संभावना भी जताई गई है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में रेल माल ढुलाई के क्षेत्र में यह एक नया मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि जम्मू मंडल के लगातार प्रयासों और बेहतर लाजिस्टिक्स व्यवस्था के परिणामस्वरूप पहली बार सीमेंट की आउटवर्ड लोडिंग शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय उद्योग रेलवे पर भरोसा जता रहा है।
