विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जमीन के रिकॉर्ड से राशन तक सब डिजिटल! जम्मू-कश्मीर में 7.29 करोड़ दस्तावेज स्कैन, 45,953 यूजर ई-ऑफिस से जुड़े

By Naveen NawazEdited By: Dallu Slathia
Published: Mon, 14 Sep 2026 01:28 PM (IST)

जम्मू कश्मीर में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें 7.29 करोड़ राजस्व दस्तावेज स्कैन किए गए हैं ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में 99.4 प्रतिशत जमाबंदी रिकार्ड डिजिटाइज हो चुके हैं। (AI Generated Image)

जम्मू-कश्मीर में 99.4 प्रतिशत जमाबंदी रिकार्ड डिजिटाइज हो चुके हैं। (AI Generated Image)

HighLights

  1. 7.29 करोड़ राजस्व दस्तावेज स्कैन किए गए, 99.4% जमाबंदी डिजिटाइज्ड।

  2. 1,710 सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध, ई-ऑफिस लागू किया गया।

  3. स्वामित्व योजना से संपत्ति कार्ड वितरण, कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार।

नवीन नवाज, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में भूमि और राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के साथ डिजिटल गवर्नेंस और जनकल्याण योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6,844 गांवों में 7.29 करोड़ राजस्व दस्तावेज स्कैन किए जा चुके हैं, जबकि 99.4 प्रतिशत जमाबंदी रिकार्ड डिजिटाइज हो चुके हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में सरकारी सेवाओं को आनलाइन उपलब्ध कराया गया है और खाद्य सुरक्षा तथा सामाजिक सहायता योजनाओं का दायरा भी बढ़ाया गया है।

आइटी सुधार कार्यक्रम के तहत सचिवालय, विभागीय प्रमुख कार्यालय और जिला स्तर पर ई-आफिस लागू किया गया है। तहसील और ब्लाक स्तर पर इसे शुरू करने की प्रक्रिया जारी है।

ई-ऑफिस से जुड़े 45,953 यूजर

आंकड़ों के मुताबिक, 430 संगठनों में 45,953 से अधिक उपयोगकर्ता ई-आफिस से जुड़ चुके हैं, जबकि 1,710 सेवाएं आनलाइन उपलब्ध हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से 70 लाख से अधिक डिजिटील दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

डिजिलाकर इकोसिस्टम में 188 सेवाएं और 35.50 लाख पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। वहीं, 942 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) टचपॉइंट के माध्यम से रोजाना करीब पांच लाख डिजिटल लेनदेन दर्ज किए जा रहे हैं।

ऐप पर रोजाना करीब 300 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इन शिकायतों के निस्तारण की दर 94 प्रतिशत बताई गई है। बीआइएसएजी-एन के सहयोग से 40 से अधिक आइटी पहल भी शुरू की गई हैं।

भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण ने पकड़ी रफ्तार

भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण अभियान के तहत मानचित्रों का डिजिटलीकरण 94.23 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कुल 6,850 चिन्हित शीट में से 6,544 का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।

कुल 6,455 गांवों यानी 93.4 प्रतिशत गांवों की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि इनमें से 5,700 गांवों की ग्राउंड-ट्रुथिंग भी की जा चुकी है। 20 जिलों के 1,925 गांवों में सब-पार्सलाइजेशन का काम पूरा हो गया है।

4,368 गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण

सरकार ने राजस्व न्यायालय मामलों के प्रबंधन के लिए रेवेन्यू कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम (आरसीसीएमएस) के माध्यम से 881 राजस्व न्यायालयों को भी आनलाइन किया है। 4,368 गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें से 3,091 गांवों का सत्यापन पूरा हो चुका है।स्वामित्व योजना के तहत 1,491 गांवों में 58,265 संपत्ति कार्ड वितरित किए गए हैं।

सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में 25.69 लाख परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत पंजीकृत किया गया है। इन परिवारों के 103.88 लाख लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल रहा है।

PMGKAY के तहत 67.84 लाख लाभार्थियों को मुफ्त राशन

इस बीच, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत 16.61 लाख परिवारों के 67.84 लाख लाभार्थियों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि जम्मू कश्मीर में तकनीक आधारित शासन व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। भूमि एवं राजस्व रिकार्ड के डिजिटलीकरण से लेकर सरकारी सेवाओं की आनलाइन उपलब्धता और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने तक, प्रशासनिक व्यवस्था में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।