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'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें', युवाओं के हक में उतरे जम्मू-कश्मीर के डिप्टी CM सुरिंदर चौधरी, लाठीचार्ज पर उठाए सवाल

Published: Wed, 14 Oct 2026 12:22 PM (IST)

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की, लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष ...और पढ़ें

उपमुख्यमंत्री चौधरी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। (फाइल फोटो)

उपमुख्यमंत्री चौधरी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. उपमुख्यमंत्री ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

  2. युवाओं की बेरोजगारी और वोट चोरी पर चिंता जताई।

  3. धार्मिक मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोध किया।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा है कि देश में लोकतंत्र की मजबूती के लिए पारदर्शी, सक्रिय और निष्पक्ष चुनाव आयोग जरूरी है। उन्होंने युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी शिकायतों का जवाब देने और रोजगार जैसे मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की बात कही।

बुधवार को गांदरबल स्थित माता खीर भवानी मंदिर के दर्शनों को पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने मां के दर्शन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में चुनाव आयोग के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि यदि युवा और जनता ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा चाहते हैं, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं की मांगों को अनसुना नहीं किया जा सकता।

बेरोजगारी गंभीर चिंता का विषय 

उपमुख्यमंत्री ने बेरोजगारी को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए कड़ी मेहनत और त्याग करते हैं, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद भी युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरी नहीं मिल रही है। आज देश का युवा रोजगार मांग रहा है, उसकी आवाज सुनी जानी चाहिए।

युवाओं को लाठीचार्ज नहीं, सवालों के जवाब मिलें

चौधरी ने चुनावी प्रक्रिया में कथित वोट चोरी को लेकर उठ रहे सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार और मतदान से जुड़ी शिकायतों के जवाब मिलने चाहिए, न कि लाठीचार्ज का सामना करना पड़े।

उन्होंने महिला प्रदर्शनकारियों समेत युवाओं पर बल प्रयोग की निंदा की और कहा कि संविधान शांतिपूर्ण प्रदर्शन तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है। युवाओं को बलपूर्वक चुप कराना अन्याय है, क्योंकि वही देश का भविष्य हैं।

धर्म को राजनीति से ऊपर रखने की अपील

वक्फ बोर्ड के जुमे के उपदेशों के लिए साझा विषय तय करने के विवाद पर चौधरी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को किसी धर्म के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई, सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए। ईश्वर एक है, भले ही पूजा के तरीके अलग हों। धर्म को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए और किसी धर्म पर राजनीतिक एजेंडा थोपने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।