जम्मू-कश्मीर में अवैध बांग्लादेशियों पर बड़ी कार्रवाई, 160 और विशेष विमान से बंगाल भेजे; 3 दिन में 310 डिपोर्ट
जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे 160 बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से श्रीनगर से पश्चिम ...और पढ़ें

कश्मीर से और 160 बांग्लादेशी नागरिक बाहर भेजे गए। (फोटो- AI Generated)
HighLights
160 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को श्रीनगर से भेजा गया।
तीन दिनों में कुल 310 बांग्लादेशी नागरिकों का निष्कासन।
प्रवासी श्रमिकों के सत्यापन में हुई इनकी पहचान।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई और तेज कर दी है। बुधवार को 160 बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से श्रीनगर से पश्चिम बंगाल के कुंभीग्राम भेजा गया। वहां से उन्हें आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद बांग्लादेश भेजा जाएगा। बुधवार को भेजे गए लोगों में 114 पुरुष और 44 महिलाएं शामिल हैं। इसके साथ ही हालिया अभियान में तीन दिनों के भीतर वापस भेजे गए बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या 310 हो गई है।
उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में समय समय पर सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय नागरिक अवैध बांग्लादेशी नागरिकों और रोहिंग्या की मौजूदगी पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें प्रदेश से बाहर भेजे जाने की मांग करते आए हैं।
जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील प्रदेश में इनकी मौजूदगी सुरक्षा चुनौतियों को बढ़ाती है।जनसांख्यिकीय बदलावों पर गठित उच्चस्तरीय समिति के जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान स्थानीय संगठनों ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई थी।
श्रीनगर के पंथाचौक में बना होल्डिंग सेंटर
संबधित अधिकारिों ने बताया कि कश्मीर समेत प्रदेश के विभिन्न भागों में रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों को लगातार चिह्नित किया जा रहा है। उनके साथ उन रोहिंग्या नागरिकों को भी पकड़ा जा रहा है जो अवैध रुप से जम्मू कश्मीर आए हैं।
उन्होंने बताया कि इन सभी को निर्वासन तक अस्थायी आवासीय सुविधा प्रदान करने और उनके संबधित दस्तावेजों की जांच के लिए श्रीनगर के पंथाचौक में एक अस्थायी होल्डिंग सेंटर भी बनाया गया है।
प्रवासी श्रमिकों के पंजीकरण में खुली पोल
संबधित सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने पर कहा कि यह लोग कश्मीर में विभिन्न जगहों पर मजदूरी व अन्य काम कर रहे थे। आतंकियों द्वारा प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाए जाने और उन्हें कश्मीर छोड़ने की धमकी दिए जाने पर पुलिस व अन्य संबधित सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में रह रहे प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण शुरु किया।
इस प्रक्रिया के दौरान जब संबधित श्रमिकों के दस्तावेजों की जांच की गई तो उनमें से कईयों के बांग्लादेशी होने की पुष्टि हुई है। इनमें से कईयों के आधार व अन्य दस्तावेजों में विंसगितयां पाई गई और वह पकड़े गए।
कश्मीर पहुंचने के रास्ते खंगाल रही एजेंसियां
पुलिस श्रमिक बस्तियों और कार्यस्थलों पर सत्यापन के साथ मकान मालिकों, ठेकेदारों और नियोक्ताओं से भी विवरण जुटा रही है। सुरक्षा एजेंसियां चिन्हित विदेशी नागरिकों के स्थानीय संपर्कों और कश्मीर पहुंचने के रास्तों की भी पड़ताल कर रही हैं।
