हंगामे से तीखी बहस तक... 7 दिन बाद जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शरदकालीन सत्र खत्म, स्पीकर ने स्वीकारी समय की कमी
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सात दिवसीय शरदकालीन सत्र बुधवार को संपन्न हो गया। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदन को ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का शीतकालीन सत्र समाप्त।
HighLights
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सात दिवसीय शरदकालीन सत्र बुधवार को संपन्न हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया।
स्पीकर ने विधायकों को जनता के मुद्दे उठाने का अवसर देने पर जोर दिया।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 2026 का शरदकालीन सत्र बुधवार को सात दिनों की कार्यवाही के बाद संपन्न हो गया। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने समापन संबोधन के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। सत्र 21 सितंबर को शुरू हुआ था और 30 सितंबर तक चला।
समापन संबोधन में स्पीकर राथर ने कहा कि पीठासीन अधिकारी के रूप में उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी विधायकों को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने और अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों की अपेक्षाओं को सदन तक पहुंचाने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने राजनीतिक संबद्धता से परे सभी सदस्यों को कार्यवाही में भाग लेने का अवसर देने का प्रयास किया।
राथर ने कहा कि विधानसभा के सत्र की अवधि बढ़ाए जाने से सदस्यों को बहस में अधिक समय मिलेगा और वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को बेहतर तरीके से उठा सकेंगे। उन्होंने माना कि सीमित बैठकों के कारण सभी सदस्यों को पर्याप्त समय देना चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने विधायकों से सदन की कार्यवाही के दौरान पीठ के सामने आने वाली व्यावहारिक सीमाओं को समझने की अपील की।
मंत्रिपरिषद के कामकाज की सराहना
सत्र के दौरान हुए व्यवधान और तीखी बहस का उल्लेख करते हुए स्पीकर ने कहा कि विधानसभाओं में मतभेद और गर्मागर्म बहस होना सामान्य है, लेकिन सदस्यों को अपनी चिंताएं रचनात्मक तरीके से सामने रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की अपनी चिंताओं और परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
स्पीकर ने विधानसभा सदस्यों के साथ मंत्रिपरिषद के कामकाज की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कई विभागों की जिम्मेदारी संभालना और सदन में उठाए गए विभिन्न मुद्दों का जवाब देना चुनौतीपूर्ण कार्य है।
राथर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सदन में नियमित भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यवाही में सक्रिय रूप से शामिल रहे और सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब देते रहे। हालांकि, आधिकारिक व्यस्तताओं के कारण वह अंतिम कार्यवाही में शामिल नहीं हो सके।
मीडिया और कर्मचारियों की भूमिका की सराहना
स्पीकर ने प्रेस और मीडिया को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि पत्रकार विधानसभा और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में मीडिया के योगदान की सराहना की।
उन्होंने विधानसभा कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों, पीएचई, पीडीडी और अन्य विभागों के प्रयासों की भी प्रशंसा की। राथर ने कहा कि सीमित संख्या में होने के बावजूद विधानसभा कर्मचारी कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों की पदोन्नति और अन्य सेवा संबंधी मांगों पर कार्रवाई किए जाने की बात भी कही।
समापन संबोधन के बाद स्पीकर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया, जिसके साथ ही सात दिवसीय शरदकालीन सत्र औपचारिक रूप से समाप्त हो गया
