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क्या जम्मू-कश्मीर में बिजली बकायादारों को मिलेगी राहत? विधानसभा में सरकार ने दिया बड़ा अपडेट, जानें पूरी डिटेल

Published: Mon, 21 Sep 2026 01:51 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर सरकार बिजली बिल बकायादारों को राहत देने के लिए पावर एमनेस्टी योजना की अवधि बढ़ाने पर विचार कर रही ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में पावर एमनेस्टी योजना की अवधि बढ़ सकती है।  (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर में पावर एमनेस्टी योजना की अवधि बढ़ सकती है (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सरकार पावर एमनेस्टी योजना की अवधि बढ़ाने पर विचार कर रही है।

  2. घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों को किस्तों में भुगतान सुविधा मिलेगी।

  3. बकाया राजस्व वसूली के साथ उपभोक्ताओं का आर्थिक बोझ कम होगा।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में बिजली बिल बकायादारों को लेकर परेशान घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एक बार फिर राहत की उम्मीद जगी है। सरकार पावर एमनेस्टी योजना की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने विधानसभा में बताया कि ऐसे उपभोक्ता जो तय समय के भीतर अपने बकाया बिजली बिल जमा नहीं कर पाए हैं, उन्हें राहत देने के लिए योजना के विस्तार की संभावना को फिलहाल मेरिट के आधार पर जांचा जा रहा है।

रियासी के विधायक कुलदीप राज दुबे के तारांकित सवाल के जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी। सवाल में पूछा गया था कि जिन उपभोक्ताओं ने अपने बकाया का बड़ा हिस्सा जमा कर दिया है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण बाकी किस्तें नहीं चुका सके, क्या उन्हें बाद में लगे सरचार्ज या ब्याज में कमी अथवा छूट दी जाएगी या भुगतान की अवधि बढ़ाई जाएगी।

पावर एमनेस्टी योजना से बकाया वसूली में तेजी

विभाग ने बताया कि मौजूदा पावर एमनेस्टी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं से बकाया राशि का एक बड़ा हिस्सा वसूल किया जा चुका है। इसमें कमजोर वर्गों से जुड़े उपभोक्ता भी शामिल हैं।

किस्त शुरू करते ही बहाल हो सकता कनेक्शन

वहीं, छोटे कारोबारियों, दुकानदारों और अन्य कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए भी राहत का रास्ता खुला है। डिस्कॉम लंबे समय से लंबित बकाया राशि को किस्तों में जमा कराने की सुविधा दे रहे हैं।

उपभोक्ता जब किस्तों में भुगतान शुरू कर देते हैं तो, निर्धारित शर्तों के तहत, उनका बिजली कनेक्शन बहाल किया जा सकता है।

इसके लिए उपभोक्ता को बाकी बकाया राशि भी आपसी सहमति से तय किस्तों में चुकाने का उपक्रम देना होगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य बकाया राजस्व की वसूली के साथ-साथ उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ धीरे-धीरे कम करने का मौका देना है।