जम्मू-कश्मीर में शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, विधानसभा में उठा TET छूट का प्रस्ताव; अब आगे क्या होगा?
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 1 जनवरी 2019 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। ...और पढ़ें

TET छूट पर विधानसभा में उठा शिक्षकों का मुद्दा। ((फोटो- इंटरनेट मीडिया))
HighLights
1 जनवरी 2019 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी छूट।
शिक्षा मंत्री ने विस्तृत चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया।
आरटीई अधिनियम संशोधन और एनसीटीई अधिसूचना की मांग।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरदकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में शिक्षकों से जुड़े एक अहम मुद्दे ने सबका ध्यान खींचा। विधानसभा में उन शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी) से छूट देने की मांग को लेकर प्रस्ताव सामने आया, जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2019 से पहले हुई थी। प्रस्ताव पर आगे बढ़ने से पहले शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने इसे महत्वपूर्ण विषय बताते हुए सदन में विस्तृत चर्चा की जरूरत पर जोर दिया।
करीब पांच घंटे चली कार्यवाही के दौरान टीइटी से जुड़ा यह मुद्दा खास तौर पर महत्वपूर्ण रहा। इससे उन शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना से जुड़ा सवाल सदन के ध्यान में आया, जो इस कटऑफ तारीख से पहले नियुक्त हुए थे।
दरअसल, विधानसभा के कार्यसूची में इस प्रस्ताव को शामिल किया गया था। इसमें केंद्र सरकार से शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23 में आवश्यक संशोधन करने का आग्रह किए जाने की बात थी। साथ ही प्रस्ताव में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एलसीटीइ) के माध्यम से जरूरी अधिसूचना जारी करने की मांग का भी उल्लेख किया गया था।
टीईटी पर पहले सदन में होगी चर्चा
शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने सदन में कहा कि मामला महत्वपूर्ण है और इसे पारित करने से पहले विधानसभा में विस्तार से चर्चा की जानी चाहिए। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद सदस्यों ने भी सहमति जताई कि प्रस्ताव पर पहले सदन में चर्चा हो और उसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाए।
क्यों जरूरी है टीईटी?
टीइटी का मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र सरकार ने अगस्त 2026 में बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के फैसले के अनुसार टीइटी, आरइटी अधिनियम के तहत आने वाले स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यताओं में शामिल है।
मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने टीइटी योग्यता हासिल करने की समयसीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाई थी।
कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित
दूसरे दिन की कार्यवाही के बाद विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदन को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया। शरदकालीन सत्र 21 सितंबर से शुरू हुआ है और 30 सितंबर तक चलना निर्धारित है।
आने वाले दिनों में टीइटी छूट का यह प्रस्ताव किस दिशा में आगे बढ़ता है और सदन की चर्चा के बाद सरकार की अगली पहल क्या रहती है, इस पर शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।
