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जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र से पहले हलचल तेज, 17 सितंबर को सर्वदलीय बैठक; सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष

Published: Tue, 15 Sep 2026 04:14 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के 21 सितंबर से शुरू होने वाले शरद सत्र से पहले स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सर्वदलीय बैठक ...और पढ़ें

विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने 17 सितंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। (फाइल फोटो)

विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने 17 सितंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। (फाइल फोटो)

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के 21 सितंबर से शुरू होने वाले 10 दिवसीय शरद सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने 17 सितंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक दोपहर दो बजे विधानसभा परिसर में होगी। इसमें सदन की कार्यवाही को सुचारु और प्रभावी ढंग से चलाने के साथ सत्र के दौरान उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

विधानसभा सचिवालय ने राजनीतिक दलों के नेताओं और बिजनेस एडवाइजरी कमेटी से जुड़े सदस्यों को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है।

बैठक में नेता प्रतिपक्ष सुनील कुमार शर्मा, नेशनल कान्फ्रेंस के नेता अली मोहम्मद सागर व मुबारक गुल, माकपा विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी, कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर, पीपुल्स कान्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद गनी लोन, पीडीपी नेता मीर मोहम्मद फैयाज और निर्दलीय विधायक चौधरी मोहम्मद अकबर शामिल होंगे।

शरद सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष

शरद सत्र को लेकर विपक्ष ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। विपक्ष की ओर से शासन, प्रशासन, विकास और जनहित से जुड़े मुद्दे सदन में उठाए जाने की संभावना है। ऐसे में सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं।

इधर, भाजपा ने भी विधानसभा सत्र के लिए रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। नेता प्रतिपक्ष सुनील कुमार शर्मा मंगलवार को जम्मू स्थित पार्टी मुख्यालय में भाजपा विधायकों की बैठक लेंगे। इसमें सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों और पार्टी की रणनीति पर चर्चा होगी।

विधानसभा के कैलेंडर के अनुसार चार दिन सरकारी कामकाज के लिए निर्धारित हैं, जबकि तीन दिन निजी सदस्यों के विधेयकों और प्रस्तावों के लिए रखे गए हैं। दो दिन विशेष रूप से निजी सदस्यों के विधेयकों पर चर्चा होगी। सरकार सत्र के दौरान चार विधेयक पेश कर सकती है। इनके पेश होने और उन पर चर्चा को सत्र के प्रमुख कामकाज में माना जा रहा है।