राजौरी में 100% ट्रैप केस, श्रीनगर में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के मामले; जम्मू-कश्मीर में सितंबर 2026 तक 52 केस
जम्मू-कश्मीर में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सितंबर 2026 तक भ्रष्टाचार के 52 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें 35 रिश्वत ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में ACB ने सितंबर 2026 तक भ्रष्टाचार के 52 मामले दर्ज किए। (फाइल फोटो)
HighLights
एसीबी ने सितंबर 2026 तक 52 भ्रष्टाचार मामले दर्ज किए।
इनमें 35 मामले रिश्वत मांगने-लेने के ट्रैप केस हैं।
राजौरी और श्रीनगर में सर्वाधिक ट्रैप केस सामने आए।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोपों पर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई लगातार जारी है। सितंबर 2026 तक ब्यूरो ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़े 52 मामले दर्ज किए हैं। इनमें 35 मामले ट्रैप केस हैं, यानी ऐसे मामलों में कार्रवाई की गई जहां सरकारी कर्मचारी पर रिश्वत मांगने या स्वीकार करने का आरोप लगा। यह कुल मामलों का करीब 67.3 फीसदी है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जम्मू संभाग में 31 मामले दर्ज हुए, जिनमें 20 ट्रैप केस हैं। वहीं कश्मीर संभाग में 21 मामले सामने आए, जिनमें 15 ट्रैप केस शामिल हैं। जम्मू में ट्रैप मामलों की हिस्सेदारी करीब 65 फीसदी और कश्मीर में 71 फीसदी से अधिक है।
राजौरी में दर्ज सभी 6 मामले ट्रैप केस
जिलेवार आंकड़ों में राजौरी खास तौर पर सामने आता है। यहां दर्ज सभी 6 मामले ट्रैप केस हैं। ऊधमपुर में 7 में से 6 मामले ट्रैप हैं। एसीबी जम्मू पुलिस स्टेशन में दर्ज 5 मामलों में 4 ट्रैप हैं, जबकि एसीबी सेंट्रल पुलिस स्टेशन के 11 मामलों में 4 ट्रैप शामिल हैं। डोडा में दर्ज दोनों मामले ट्रैप श्रेणी में नहीं हैं।
कश्मीर संभाग में श्रीनगर में सबसे ज्यादा 13 मामले दर्ज हुए, जिनमें 9 ट्रैप केस हैं। अनंतनाग में 6 में से 5 मामले ट्रैप हैं जबकि बारामूला में 2 मामलों में एक ट्रैप केस है।
2 हजार से एक लाख तक मांगी गई रिश्वत
इन मामलों में कथित रिश्वत की रकम 2,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक बताई गई है। एसीबी के रिकॉर्ड में 5 हजार, 8 हजार, 10 हजार, 12 हजार, 15 हजार, 20 हजार, 30 हजार, 40 हजार और 70 हजार रुपये जैसी रकम से जुड़े आरोप भी दर्ज हैं।
सबसे बड़ी रकम वाले मामलों में से एक 1 लाख रुपये का है, जिसे 21 मई को एसीबी अनंतनाग ने दर्ज किया था। इसमें इरिगेशन डिवीजन अनंतनाग के एक जिलेदार और पटवारी पर रकम मांगने और स्वीकार करने का आरोप है। एक अन्य मामले में गोल के पटवार हलके के पटवारी और कथित सहयोगी पर 70 हजार रुपये की रिश्वत से जुड़ा ट्रैप केस दर्ज किया गया।
ACB के मामलों में कई तरह के आरोप
एसीबी के मामलों में केवल रिश्वतखोरी ही नहीं, बल्कि आय से अधिक संपत्ति, अवैध म्यूटेशन, पद के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता, अवैध नियुक्ति और कथित अतिक्रमण जैसे आरोप भी शामिल हैं।
राजस्व विभाग के कर्मचारियों, खासकर पटवारियों के अलावा पुलिसकर्मियों, जूनियर इंजीनियरों, नगर निकाय कर्मचारियों, वन विभाग और ट्रेजरी से जुड़े अधिकारियों के नाम भी मामलों में सामने आए हैं।
2025 में 78 भ्रष्टाचार संबंधी मामले दर्ज
सबसे अहम तुलना 2025 से है। पूरे 2025 में एसीबी ने 78 भ्रष्टाचार संबंधी मामले दर्ज किए थे, जिनमें 36 ट्रैप केस थे। सितंबर 2026 तक ही ट्रैप मामलों की संख्या 35 पहुंच चुकी है। हालांकि यह तुलना आंशिक वर्ष और पूरे वर्ष के आंकड़ों के बीच है, इसलिए 2026 का अंतिम आंकड़ा अभी बदल सकता है।
सितंबर में भी कार्रवाई जारी रही। एसीबी रिकॉर्ड में श्रीनगर का 1 सितंबर का कथित 15 हजार रुपये का ट्रैप केस, 7 सितंबर का 11 हजार रुपये से जुड़ा मामला और 9 सितंबर का राजौरी में कथित 20 हजार रुपये का केस दर्ज है।
ट्रैप केस की प्रक्रिया क्या है?
ट्रैप केस की प्रक्रिया आम तौर पर शिकायत से शुरू होती है। शिकायत में सरकारी कर्मचारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया जाता है। सत्यापन के बाद एसीबी ट्रैप ऑपरेशन करती है और आरोपों की जांच के लिए कार्रवाई करती है। इसके बाद गिरफ्तारी और आगे की जांच की प्रक्रिया हो सकती है।
