जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए बड़ी खबर, 200 यूनिट फ्री बिजली पर आया नया अपडेट; पुराने बिजली बकाया पर सरकार की दो टूक
जम्मू-कश्मीर में 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना अमल के करीब है, जिसके तहत 2 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम से बिजली ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना पहुंची अंतिम टेंडरिंग में। (फाइल फोटो)
HighLights
200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना अंतिम टेंडरिंग प्रक्रिया में।
2 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम से मिलेगी मुफ्त बिजली।
पुराने बिजली बकाये माफ करने का कोई प्रस्ताव नहीं।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने वाली 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना अब अमल के करीब पहुंच गई है। सरकार ने विधानसभा में बताया कि पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 2 किलोवाट क्षमता वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम के जरिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की योजना फिलहाल अंतिम टेंडरिंग प्रक्रिया में है।
योजना के तहत रेस्को मोड में बोलियां खोली जा चुकी हैं और उनका मूल्यांकन चल रहा है। निर्धारित टेंडर प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद योजना को जमीन पर लागू किया जाएगा।
यह जानकारी बिजली विकास विभाग (PDD) ने सांबा से विधायक सुरजीत सिंह सलाथिया के तारांकित सवाल के लिखित जवाब में दी। योजना के आगे बढ़ने की खबर ऐसे समय आई है, जब स्मार्ट मीटरिंग को लेकर उपभोक्ताओं के बीच बिजली बिल और पुराने बकाये को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सांबा में 36 हजार से ज्यादा कनेक्शन लक्ष्य
सरकार के अनुसार, सांबा विधानसभा क्षेत्र में स्मार्ट मीटरिंग के लिए निर्धारित 36736 कनेक्शनों में से 26013 कनेक्शनों को कवर किया जा चुका है। वहीं विजयपुर में 46,308 के लक्ष्य के मुकाबले 33106 कनेक्शन पूरे हुए हैं। रामगढ़ में 15739 के भौतिक लक्ष्य के मुकाबले 9414 कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटरिंग पूरी की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों के लिए वित्तीय लक्ष्य और उपलब्धियां अलग-अलग दर्ज नहीं की जातीं, क्योंकि स्मार्ट मीटरिंग के काम कंपोजिट कॉन्ट्रैक्ट के तहत दिए गए हैं।
स्मार्ट मीटरिंग पर 338.75 करोड़ का प्रोजेक्ट
पीएमडीपी फेज-2, लॉट-ए के तहत सांबा, जम्मू और ऊधमपुर जिलों में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना की लागत 338.75 करोड़ रुपये है। इसमें अब तक 314.58 करोड़ रुपये की वित्तीय उपलब्धि दर्ज की गई है।
वहीं आरडीएसएस के तहत जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना का आवंटित मूल्य 983.04 करोड़ रुपये है, जबकि वित्तीय उपलब्धि 34.72 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुराने बिजली बकाया पर सरकार का दो टूक जवाब
सबसे अहम बात यह है कि स्मार्ट मीटरिंग पूरी होने के बाद उपभोक्ताओं के मौजूदा बिजली बकाया को माफ करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। यानी स्मार्ट मीटर लगने का मतलब पुराने बिजली बिलों या बकाया राशि की स्वत: माफी नहीं होगा।
