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जम्मू-कश्मीर के बाग-बगीचों से करोड़ों की कमाई, एंट्री फीस-फोटोग्राफी से भरा सरकारी खजाना; 5 साल में कितना कमाया?

Published: Wed, 14 Oct 2026 06:12 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर एंट्री फीस और फोटोग्राफी से सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 65.72 करोड़ रुपये का ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में बाग-बगीचों से प्रशासन की हुई करोड़ों की कमाई। (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर में बाग-बगीचों से प्रशासन की हुई करोड़ों की कमाई। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जम्मू-कश्मीर पर्यटन स्थलों से 65.72 करोड़ रुपये का राजस्व।

  2. बागबानी विभाग को 2021-25 में 62.76 करोड़ का मुनाफा।

  3. नया गुलदाउदी गार्डन पर्यटन सीजन बढ़ाने में सहायक।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। प्रदेश के पर्यटनस्थलों, बाग बगीचों व पार्कों में प्रवेश के लिए एंट्री फीस, वीडियो, फोटोग्राफी के लिए अनुमित आदि के लिए सैलानियों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है, लेकिन उनकी यह ढीली जेब प्रशासन के खजानों को और भारी कर देती है। बीते पांच वर्षों (2021 से अक्तूबर 2025) के दौरान प्रशासन ने इस प्रक्रिया से 65.72 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया है।

जम्मू-कश्मीर में बागबानी विभाग ने 2021-22 से नवंबर 2025 तक की पांच रिपोर्टिंग अवधियों में एंट्री टिकट, वीडियोग्राफी और वीडियो शूटिंग की अनुमति और पौधों की बिक्री से कुल 62.76 करोड़ का मुनाफा कमाया है।

आंकड़ों के अनुसार विभाग ने 2021-22 में 6.70 करोड़, 2022-23 में 13.46 करोड़, 2023-24 में 14.35 करोड़ और 2024-25 में 23.71 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में, नवंबर 2025 तक रेवेन्यू 4.54 करोड़ रहा।

आंकड़े बताते हैं कि चार पूरे हो चुके वित्त वर्ष में प्राप्त होने वाले वार्षिक राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिसमें 2024-25 में सबसे ज़्यादा 23.71 करोड़ की कमाई दर्ज की गई। 62.76 करोड़ की कुल रकम सभी पांच रिपोर्टिंग अवधियों को मिलाकर है और यह किसी एक वित्त वर्ष में हुई कमाई को नहीं दिखाती है।

खूबसूरत लॉन और मौसमी फूल पर्यटकों को करते हैं आकर्षित

इस बीच, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 11,889 उत्पादक विभाग के साथ पंजीकृत हैं, जिनमें से 2,270 व्यावसायिक फूलों की खेती (कमर्शियल फ्लोरीकल्चर) से जुड़े हैं। व्यावसायिक फूलों की खेती का कुल क्षेत्रफल 356.41 हेक्टेयर है।

यह विभाग केंद्र शासित प्रदेश में 10,628.30 कनाल क्षेत्र में फैले 278 बगीचों, पार्कों और लॉन का रखरखाव करता है। ये हरियाली से भरपूर स्थल जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल हैं। यहां के खूबसूरत लॉन, मौसम के अनुसार खिलने वाले फूल, ऐतिहासिक वास्तुकला और मनमोहक नजारे पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

2023–24 में 65.74 लाख पर्यटक पहुंचे

बता देते हैं कि विभाग द्वारा देखभाल की जाने वाली प्रमुख जगहों में विश्व प्रसिद्ध ट्यूलिप गार्डन और निशात, शालीमार, परी महल और चश्मा शाही के ऐतिहासिक मुगल गार्डन के साथ-साथ वेरीनाग और अछबल गार्डन शामिल हैं। विभाग बाटनिकल गार्डन की भी देखभाल करता है, जिनमें चश्मा शाही में बाटनिकल गार्डन और कोकरनाग में बाटनिकल गार्डन शामिल हैं।

इसके अलावा, महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों में बने लान की भी देखभाल यही विभाग करता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2022–23 में विभाग के बगीचों और पार्कों में 60.48 लाख लोग आए, जबकि 2023–24 में यह संख्या बढ़कर 65.74 लाख हो गई। 2024–25 में इन बगीचों में 61.38 लाख पर्यटक आए। 2025–26 के दौरान, नवंबर 2025 के आखिर तक 48.01 लाख पर्यटक दर्ज किए गए।

कश्मीर में पतझड़ के मौसम में भी खिलेगा फूलों का आकर्षण

क्षेत्र में फूलों से जुड़े पर्यटन को विविधता देने और वसंत के मौसम के बाद भी पर्यटन का समय बढ़ाने के मकसद से, अक्टूबर 2025 में पर्यटकों के लिए पहला गुलदाउदी (क्रिसेंथेमम) गार्डन खोला गया, जिसे 'बाग-ए-गुल-ए-दाऊद' के नाम से जाना जाता है।

इस गार्डन में गुलदाउदी की 50 से ज़्यादा किस्में हैं और इसे पर्यटकों के लिए एक और मौसमी आकर्षण पेश करके पतझड़ के मौसम में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है।

जहां वसंत के मौसम में ट्यूलिप गार्डन मुख्य आकर्षण बना रहता है, वहीं 'बाग-ए-गुल-ए-दाऊद' का मकसद पतझड़ में घाटी के आकर्षण को बढ़ाना और वसंत में फूलों के खिलने के पारंपरिक समय के बाद भी पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।