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कश्मीर में गुरेज से सोनमर्ग तक भारी बर्फबारी, राजदान टॉप पर 5 इंच बर्फ जमी; जानें अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम?

By Rahul SharmaEdited By: Dallu Slathia
Published: Wed, 14 Oct 2026 01:09 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के गुरेज से गुलमर्ग तक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है, जिससे श्रीनगर सहित मैदानी क्षेत्रों में ...और पढ़ें

HighLights

  1. गुरेज से गुलमर्ग तक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी।

  2. राजदान टॉप पर पांच इंच हिमपात, सड़कें फिसलन भरी।

  3. बांडीपोरा-गुरेज मार्ग बर्फ हटाने के बाद बहाल हुआ।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तरी कश्मीर की गुरेज घाटी समेत ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी हुई है, जबकि श्रीनगर सहित घाटी के मैदानी क्षेत्रों में बारिश से ठंड बढ़ गई है। राजदान टॉप पर करीब पांच इंच बर्फ दर्ज की गई। बर्फ जमने से सड़कें फिसलन भरी हो गईं और यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बर्फ हटाने के बाद बांडीपोरा-गुरेज मार्ग को बुधवार को फिर से खोल दिया गया।

गुरेज घाटी के राजदान टॉप, किलशाय टॉप और काबल गली में ताजा बर्फबारी से पहाड़ों ने सफेद चादर ओढ़ ली है। राजदान टॉप पर लगभग पांच इंच हिमपात के बाद सड़क पर फिसलन बढ़ गई।

संपर्क बहाल करने के लिए बर्फ हटाने वाली मशीनें तैनात की गईं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और संबंधित एजेंसियों के प्रयासों से बांडीपोरा-गुरेज मार्ग पर यातायात बहाल होने की खबर है।

गुलमर्ग, सोनमर्ग और जोजिला में भी हिमपात

बर्फबारी का असर केवल गुरेज तक सीमित नहीं रहा। गुलमर्ग, सोनमर्ग, जोजिला क्षेत्र, पहलगाम और उत्तरी कश्मीर के तुलैल इलाके में भी ताजा हिमपात दर्ज किया गया। गांदरबल के ऊंचे इलाकों, हरमुख चोटी के आसपास, साधना टॉप और सिंथन टॉप में भी बर्फबारी हुई है। वहीं, घाटी के मैदानी क्षेत्रों में बारिश के बाद तेज हवाओं ने मौसम को सर्द बना दिया है।

14-15 अक्टूबर को भी बर्फबारी 

मौसम विभाग के अनुसार, आज 14 अक्टूबर और 15 अक्टूबर को भी जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और ओलावृष्टि भी हो सकती है। 16 अक्टूबर से मौसम में सुधार की उम्मीद है।

यात्रियों और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह 

प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों को पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतने तथा सफर से पहले सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है। किसानों को सेब, धान और अन्य कटी हुई फसलों को सुरक्षित रखने के लिए भी सतर्क किया गया है।