राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : बीमार नागरिक, छात्र, पर्यटक और आवश्यक सेवाओं से संबंधित कर्मचारी व आपात परिस्थितियों में अन्य नागरिक अब सुरक्षाबलों के वाहनों की आवाजाही के समय बुधवार और रविवार को हाईवे पर यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अनुमति लेनी होगी।

राज्य प्रशासन ने आतंकी खतरे के मद्देनजर 31 मई तक प्रत्येक बुधवार और रविवार को हाईवे पर सिर्फ सुरक्षाबलों की आवाजाही का फैसला लिया था। इसके अनुसार, नागरिक वाहन इन दोनों दिनों में ऊधमपुर से आगे बारामुला तक नहीं चलेंगे, लेकिन प्रशासन के इस फैसले के बाद रियासत में सियासत तेज हो गई। सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक और मजहबी व व्यापारिक संगठनों ने इसका विरोध करते हुए इस फैसले को तत्काल प्रभाव से रद करने की मांग की।

शुक्रवार को मंडलायुक्त कश्मीर बशीर अहमद खान ने आइजीपी कश्मीर एसपी पाणि की मौजूदगी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर किसी जगह अचानक कोई आपात स्थिति पैदा होती है तो नागरिकों को अपने वाहन के साथ हाईवे पर यात्रा की अनुमति रहेगी। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। उनके नंबर भी सार्वजनिक किए जाएंगे और लोग इन नंबरों पर संपर्क कर आवश्यक अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह पर्यटकों के वाहनों को भी आवश्यक जांच के बाद हाईवे पर चलने की अनुमति रहेगी। जो लोग एयरपोर्ट की तरफ जा रहे होंगे, उन्हें अपनी टिकट दिखानी होगी। इसके बाद उन्हें कोई नहीं रोकेगा।

मंडलायुक्त ने कहा कि हमने सभी जिला उपायुक्तों से ऐसे सभी स्कूलों, अस्पताल, नर्सिग होम की जानकारी मांगी है जो हाईवे पर हैं या उन तक पहुंचने के लिए हाईवे का इस्तेमाल होता है। सभी छात्रों, अध्यापकों, डॉक्टरों व अन्य कर्मियों को पास जारी किए जाएंगे और उनके आधार पर वह अपने वाहनों के साथ हाईवे पर प्रतिबंधित दिनों में भी सफर कर सकेंगे। लेकिन रविवार को स्कूल कॉलेज बंद होते हैं और उस दिन संबंधित अध्यापकों व छात्रों को अनुमति नहीं होगी।

Posted By: Jagran