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मनमर्जी के कपड़ों में नहीं मिलेगी एंट्री, जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट का फैसला; वकीलों के क्लर्कों के लिए ड्रेस कोड सख्त

Published: Mon, 12 Oct 2026 10:36 PM (GMT+05:30)

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने वकीलों के क्लर्कों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू किया है। अब उन्हें निर्धारित ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में वकीलों के क्लर्कों के लिए ड्रेस कोड सख्त, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई।

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में वकीलों के क्लर्कों के लिए ड्रेस कोड सख्त, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई।

HighLights

  1. वकीलों के क्लर्कों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू

  2. निर्धारित वर्दी और पहचान पत्र के बिना प्रवेश नहीं

  3. अनुशासन बनाए रखने और दलाली रोकने का उद्देश्य

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने वकीलों के साथ काम करने वाले क्लर्कों के पहनावे को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अब हाई कोर्ट परिसर और रजिस्ट्री में प्रवेश के लिए निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य होगा। साधारण या कैजुअल कपड़ों में आने वाले क्लर्कों को रजिस्ट्री में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।

इतना ही नहीं, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। हाई कोर्ट प्रशासन का मानना है कि निर्धारित वर्दी और पहचान पत्र से न केवल संस्थान का अनुशासन बना रहेगा, बल्कि फर्जी क्लर्कों और अदालत परिसर में दलाली करने वालों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

श्रीनगर स्थित रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल की ओर से जारी सर्कुलर में इस बात पर चिंता जताई गई है कि अधिवक्ताओं के साथ काम करने वाले कई क्लर्क निर्धारित ड्रेस कोड की अनदेखी कर रहे हैं। वे औपचारिक वर्दी के बजाय अनौपचारिक या सामान्य कपड़ों में हाई कोर्ट परिसर पहुंच रहे हैं।

सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि इस तरह की लापरवाही संस्थान की मर्यादा और अनुशासन को प्रभावित करती है। साथ ही, इससे ऐसे अनधिकृत लोगों को भी मौका मिल सकता है, जो खुद को वकीलों का क्लर्क बताकर अदालत और रजिस्ट्री परिसर में दलाली जैसी गतिविधियों में शामिल होते हैं।

गर्मियों और सर्दियों के लिए अलग-अलग वर्दी तय

हाई कोर्ट प्रशासन ने अपने सर्कुलर में पुराने निर्देशों का भी हवाला दिया है। सर्कुलर नंबर 17, दिनांक 17 फरवरी 2005 के तहत बार एसोसिएशन की सिफारिश पर वकीलों के क्लर्कों के लिए मानक वर्दी निर्धारित की गई थी। इस व्यवस्था को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की औपचारिक मंजूरी भी मिली थी।

इसके बाद 10 मई 2024 को जारी सर्कुलर के माध्यम से भी इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने की बात दोहराई गई थी। अब एक बार फिर हाई कोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इन नियमों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इनका पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

निर्धारित ड्रेस कोड के अनुसार, गर्मियों में वकीलों के क्लर्कों को नेवी ब्लू शर्ट और नेवी ब्लू पैंट पहननी होगी। वहीं, सर्दियों में ग्रे कोट के साथ नेवी ब्लू पैंट और शर्ट या जर्सी पहनना अनिवार्य होगा।

सही वर्दी और पहचान पत्र के बिना नहीं मिलेगी रजिस्ट्री में एंट्री

इसके अलावा, प्रत्येक क्लर्क को अपना पहचान बैज भी निर्धारित तरीके से लगाना होगा। बैज पर क्लर्क का नाम और उस अधिवक्ता का नाम स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए, जिसके साथ वह काम करता है। यह बैज छाती के बाईं ओर लगाना अनिवार्य किया गया है।

सर्कुलर में दो टूक कहा गया है कि अब हाई कोर्ट परिसर या रजिस्ट्री में प्रवेश उन्हीं क्लर्कों को मिलेगा, जो निर्धारित वर्दी में होंगे। पहचान बैज के नियम का पालन करना भी जरूरी होगा। इन निर्देशों की अनदेखी या किसी भी तरह के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित क्लर्क के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।