मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। प्रशासनिक पाबंदियों में राहत की प्रक्रिया शुक्रवार को वादी में थम गई। विभिन्न सड़कों पर कंटीली तारों के अवरोधकों के साथ अर्द्धसैनिकबलों की तैनाती भी बढ़ गई है। शिक्षण संस्थान भी बंद रहे। संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक कार्यालय लाल चौक और डाउन-टाउन में आने जाने के सभी रास्ते पूरी तरह सील रहे। कल तक जो सामान्य जनजीवन पटरी पर लौटता नजर आ रहा था, एक फिर नीचे उतर गया। अलबत्ता अलगाववादियों का यूएन चलो मार्च पूरी तरह नाकाम रहा।

 हुर्रियत कांफ्रेंस समेत विभिन्न अलगाववादी संगठनों के साझा मंच ज्वाइंट रजीस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर की संवैधानिक स्थिति में बदलाव कर इसे दो केंद्र शासित राज्यों में विभाजित किए जाने के खिलाफ आज नमाज-ए-जुम्मा के बाद पूरी वादी में विरोध प्रदर्शनों और यूएन मार्च का एलान किया है। संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक कार्यालय श्रीनगर में सोनवार के इलाके में है। अलगाववादियों ने लोगों से संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर जमा होने और संबधित अधिकारियों को भारत के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपने के लिए कहा है।

अलगाववादियों के मंसूबों को नाकाम बनाने के लिए प्रशासन ने आज श्रीनगर समेत पूरी वादी में प्रशासनिक पाबंदियों को फिर से लागू कर दिया। सिर्फ कुछेक इलाकों में ही थोड़ी-बहुत राहत रही। ग्रीष्मकालीन राजधानी में डलगेट से नागरिक सचिवालय के तरफजाने वालीसड़कों पर ही वाहनों को पूरी जांच के बाद चलने की अनुमति थी।इसके अलावा नागरिक सचिवालय में कार्यरत कर्मियों के वाहनेां को ही छोड़ा गया। पैदल चलने वालों को भी अपनी मंजिल पर पहुंचने के लिए तीन से चार किलोमीटर की अतिरिक्त पदयात्रा करनी पड़ी। इससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ। कई सरकारी कार्यालयों में जहां कल तक सामान्य कामकाज बहाल होता नजर आया वहां आज प्रशासनिक पाबंदियों से कामकाज प्रभावित नजर आया।

प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए डाऊन-टाऊन समेत श्रीनगर के विभिन्न इलाकों समेत वादी की सभी संवेदनशील जगहों पर केंद्रीय अर्धसैनिकबलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को दंगारोधी साजो सामान के साथ तैनात कर रखा था। इस दौरान कुछेक जगहों पर शरारती तत्वों को भड़काऊ नारेबाजी के साथ हिंसा पर उतारु देख सुरक्षाबलों ने त्वरित कार्रवाई कर उन्हें वहां से खदेड़ दिया। किसी को भी संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक कार्यालय की तरफ नहीं जाने दिया गया।

एसपी रैंक के एक अधिकारी ने कहा कि हमारा मकसर यहां कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना है। जरा सी लापरवाही वादी में बहाल हाेती सामान्य स्थिति को पूरी तरह बरबाद कर सकतीहै। इसलिए आज हमें एहतियातन इस तरह के कुछ कठोर कदम कुछेक जगहों पर उठाने पड़े हैं। 

Posted By: Rahul Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप