विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ईरान के मुद्दे पर कश्मीर में अफवाहों का शोर, श्रीनगर में अशांति फैलाने के आरोपों में घिरे जुनैद मट्टू और सांसद रुहुल्ला; केस दर्ज

Published: Wed, 04 Mar 2026 11:13 AM (IST)

श्रीनगर पुलिस ने सांसद आगा सैयद रुहुल्ला और पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन ...और पढ़ें

HighLights

  1. पुलिस ने सांसद आगा रुहुल्ला, जुनैद मट्टू पर मामला दर्ज किया।

  2. सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने का आरोप है।

  3. ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद कार्रवाई हुई।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद वादी में उपजे हालात के बीच मंगलवार को पुलिस ने सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस के बागी नेता व सांसद आगा सैयद रुहुल्ला और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ लोगों में डर,नफरत पैदा करने, सार्वजनिक शांति को भंग करने के लिए इंटरनेट मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए झूठी और भ्रामक खबरें फैलाने का मामला दर्ज कर लिया है।

यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि आगा सैयद रुहुल्ला कश्मीर में शिया समुदाय के बड़े वर्ग के धर्मगुरू भी हैं। जुनैद अजीम मट्टू इन दिनों जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी और पीपुल्स कान्फ्रेंस का हिस्सा रह चुके हैं। मौजूदा समय में वह किसी राजनीतक दल में नहीं हैं।

पुलिस प्रवक्ता ने सांसद आगा सैयद रुहुल्ला और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ साइबर पुलिस स्टेशन श्रीनगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएन) के धारा 197(1)(डी) और 353(1)(बी) के तहत एफआईआर नंबर 02/2026 और एफआईआर नंबर 03/2026 दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों के खिलाफ जांच जारी है।

 
 
 
View this post on Instagram

A post shared by Ruhullah Mehdi (@aga_ruhullah_mehdi)

प्रवक्ता ने क्या बताया?

प्रवक्ता ने बताया कि यह देानेां नेता ईरान के सर्वाेच्च नेता की हत्या और कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर जिस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, जिस तरह की सूचनाएं फैला रहे हैं, वह जांच के दौरान भ्रामक और जनता में डर एवं नफरत की भावना पैदा करने वाली पायी गई हैं। दोनों की बयानबाजी और उनके द्वारा फैलाई जारही सूचनाएं समाज में अशांति पैदा कर सकती है। गलत जानकारी फैलाने की ऐसी जानबूझकर की गई कोशिशें शांति, सुरक्षा और पूरी स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने सभी नागरिकों को सलाह दी है कि वह इंटरनेट मीडिया पर किसी भी सामग्री को अग्रेषित या साझा करने से पहले उसकी जांच करे। जनता को भ्रामक और भड़काऊ सामग्री व जानकाररी जो सांप्रदायिक सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक शांति भंग कर सकती है,को अग्रेषित करने से बचना चाहिए। अगर कोई ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ भी कार्रवाई

इस बीच, जुनैद अजीम मट्टू ने अपने खिलाफ पुलिस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि देर रात गए उनके घर कुछ पुलिसकर्मी आए। ईरान और अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की शहादत पर मेरे बयान, और अमेरिका व इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए नाजायज़ और बेरहम हमले के मुद्दे पर भाजपासरकार के नैतिक त्याग और गहरी चुप्पी के खिलाफ बोलने के लिए - मेरी सुरक्षा वापस ले ली गई है। यह मुझे चुप कराने के लिए किया गया कदम है।

उन्होंने कहा कि आज कश्मीर घाटी में मुख्यधारा का एक राजनीतिक नेता होेने के नाने आपको अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले,इन हमलों में बच्चों की मौत, ईरान के सर्वाेच्च नेता की हत्या के मामले में बेशर्मी के साथ चुप रहना होगा या इसके खितलाफ बोलने पर आपको न्यू इंडिया में नतीजे भुगतने होंगे। या फिर आपको प्रशासन व पुलिस की तारीफ करते हुए ईरान के सर्वाेच्च नेता की हत्या की निदां करने, उसका शोक मनाने वालों को उपदेश देने वाले बयान जारी करने होंगे। माफ़ करना, मैं इनमें से कोई भी काम नहीं कर सकता।

आज के कश्मीर में जहां मुख्यधारा के साथी नेताओं ने भाजपा की सरकार के सामने सरेंडर कर दिया है और अपनी ज़बान बेच दी है और अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की हत्या और ईरान और फिलिस्तीन पर क्रूर युद्ध पर शर्मनाक तरीके से डिप्लोमैटिक बातें करना चुना है, मैं जमीन की बात सुनने और उस पर चलने का जुर्म करता रहूंगा।

मेरी आवाज दबाने के मकसद से उठाए गए ऐसे कदम मुझे इंसानियत, इंसाफ के लिए बोलने और ईरान के मामले में मेरे देश और उसके लीडरशिप के पहले कभी न देखे गए नैतिक त्याग के बारे में जवाब मांगने से नहीं रोकेंगे।