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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jammu News: शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर 'जय श्री राम' के जयघोष गूंजा, मोरारी बापू की रामकथा प्रारंभ

Published: Sun, 20 Apr 2025 12:38 PM (IST)

प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू ने श्रीनगर में डल झील के किनारे एसकेआईसीसी में रामकथा का शुभारंभ किया। जय श्री राम ...और पढ़ें

जम्मू के शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में मोरारी बापू
जम्मू के शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में मोरारी बापू

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। सत्य, प्रेम और करुणा का पैगाम लेकर मोरारी बापू गुरुवार को श्रीनगर पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार को डल झील किनारे स्थित एसकेआइसीसी में रामकथा गान का शुभारंभ किया।

तीन शब्दों में समाहित है सार तत्व

मुरारी बापू ने अपने जीवन के साढ़े छह दशक की कथा यात्रा के अनुभव का सारतत्व तीन ही शब्द में सत्य, प्रेम और करुणा में समाहित किया है। इंसान की जुबां पर सत्य हो, हृदय में प्रेम हो और आंखों में करुणा हो तो उसे कहीं पर किसी में भी कोई बुराई नजर नहीं आएगी और किसी से कभी कोई शिकायत भी नहीं होगी। फिर सारे मन मुटाव खत्म हो जाएंगे और हर इंसान अमन और शांति से जी पाएगा। प्रत्येक धर्म के तत्व ज्ञान का निचोड़ यही है।

खुद कथा ही कथा स्थान चुनती है

उन्होंने श्रीनगर में कथा के आयोजन पर कहा कि वे कभी कथा के स्थल का चुनाव नहीं करते। ना ही कथा के मनोरथी या आयोजक स्थल का चुनाव करते हैं। खुद कथा ही कथा स्थान चुनती है। व्यासपीठ वहीं पर जाती है, जहां अस्तित्व उसे ले जाता है और अस्तित्व की इच्छा के पीछे सबका कल्याण ही छीपा होता है। कथा यहां पर क्यूं? इसका उत्तर हम नहीं दे सकते, समय ही देता है। क्यूंकि प्रत्येक कथा परिणामदायी होती है।

वह किसी के गुरु नहीं रामकथा के वक्ता

उन्होंने कहा कि वह किसी के गुरु नहीं, वे रामकथा के वक्ता है और कोई भी उसके शिष्य नहीं, सभी श्रोता है। उनके कोई फॉलोअर्स नहीं है, सभी फॉलोअर हैं। उन्होंने कहा कि महत्ता मोरारी बापू की नहीं है, महत्ता राम की है और रामकथा की है। अगर राम नाम नहीं होता, राम कथा नहीं होती तो कोई मोरारी बापू के पास नहीं आता। मोरारी बापू मोरारी बापू इसलिए है कि अपने दादाजी की दी हुई रामकथा उनके पास है।