श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में बवाल, क्रिकेटर जहांगीर लोन का विवादित वीडियो वायरल; मारपीट करते नजर आए
श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में रेड प्रीमियर लीग सेमीफाइनल के बाद क्रिकेटर जहांगीर लोन का एक दर्शक से मारपीट का ...और पढ़ें

जहांगीर लोन का दर्शक से उलझने का वीडियो वायरल। (फाइल फोटो)
HighLights
क्रिकेटर जहांगीर लोन का मारपीट का वीडियो वायरल।
बख्शी स्टेडियम में सेमीफाइनल के बाद हुई घटना।
स्थानीय क्रिकेट में सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्कों और रोमांचक मुकाबलों के लिए मशहूर श्रीनगर का बख्शी स्टेडियम अब एक विवाद को लेकर चर्चा में है। रेड प्रीमियर लीग के सेमीफाइनल के बाद स्थानीय क्रिकेटर जहांगीर लोन से जुड़ा एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वह कथित तौर पर एक दर्शक के साथ मारपीट करते दिखाई देते हैं। इसके बाद जहां कुछ क्रिकेट प्रेमियों ने उनके व्यवहार पर सवाल उठाए, वहीं कई प्रशंसक उनके समर्थन में उतर आए। इस बीच ‘मेरा परिवार, मेरा गौरव’ पोस्ट ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।
यह घटनाक्रम अथवास इंडिया इलेवन और रॉयल गुड विल क्रिकेट क्लब के बीच खेले गए सेमीफाइनल के बाद का बताया जा रहा है। मुकाबले में अथवास इंडिया इलेवन ने तीन विकेट से जीत दर्ज की।
मैच समाप्त होने के बाद मैदान पर अफरा-तफरी के बीच सामने आए वीडियो में रॉयल गुड विल की ओर से खेलने वाले जहांगीर लोन सफेद स्वेटशर्ट और जींस पहने एक दर्शक से उलझते दिखाई देते हैं। आसपास मौजूद लोग दोनों को अलग करने की कोशिश करते नजर आते हैं।
जहांगीर लोन और दर्शक के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ?
इंटरनेट मीडिया पर एक फेसबुक पेज ने दावा किया कि जहांगीर लोन ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दर्शक ने उनके साथ गाली-गलौज की थी, जिससे उन्होंने आपा खो दिया। जहांगीर के पेज से साझा की गई बताई जा रही ‘मेरा परिवार, मेरा गौरव’ पोस्ट भी चर्चा में है।
हालांकि, इस पोस्ट का वास्तविक संदर्भ और विवाद से उसका संबंध स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं है। वायरल वीडियो से भी यह तय नहीं होता कि विवाद किस बात पर शुरू हुआ और पहले क्या हुआ।
इंटरनेट मीडिया पर दो खेमों में बंटे प्रशंसक
क्रिकेट प्रेमियों की प्रतिक्रियाओं में भी मतभेद नजर आ रहे हैं। गौहर भट ने अपनी टिप्पणी में स्थानीय क्रिकेट मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों के परिवारों, खासकर उनकी मां और बहनों को लेकर की जाने वाली कथित अभद्र टिप्पणियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा कश्मीर की संस्कृति, मूल्यों और सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। लगातार अपमानजनक भाषा किसी भी खिलाड़ी को आहत कर सकती है।
दूसरी ओर, पीयर आबिद और जावेद खान जैसे टिप्पणीकारों ने कहा कि खिलाड़ी को उकसावे की स्थिति में भी संयम बनाए रखना चाहिए। कुछ प्रशंसकों ने जहांगीर का समर्थन करते हुए तर्क दिया कि खिलाड़ियों के सम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए और अभद्रता को सामान्य नहीं माना जा सकता।
इस विवाद ने स्थानीय क्रिकेट लीगों में सुरक्षा और अनुशासन की व्यवस्था पर भी ध्यान खींचा है। कश्मीर में निजी टूर्नामेंटों की लोकप्रियता बढ़ने के साथ खिलाड़ियों के प्रति प्रशंसकों का उत्साह भी बढ़ा है। ऐसे में मैदान में अनियंत्रित प्रवेश रोकना, दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और विवादों से निपटने की स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है।
कुछ क्रिकेट प्रेमियों ने जहां तक कहा कि बख्शी स्टेडियम में हुई घटना की पूरी परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं। विवाद से पहले क्या हुआ, दर्शक का पक्ष क्या है और प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या देखा, इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।
किसी भी आरोप पर फैसला केवल इंटरनेट मीडिया पर वाॅयरल वीडियो और प्रतिक्रियाओं के आधार पर नहीं होना चाहिए। यदि अनुचित व्यवहार या मारपीट की पुष्टि होती है, तो कानून और संबंधित खेल अनुशासन के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
