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8500 संस्थानों की दौड़ में IUST चमका, इनोवेशन के मैदान में हासिल किया 4-स्टार मुकाम

Published: Wed, 07 Oct 2026 01:31 PM (IST)

इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आइयूएसटी) ने शिक्षा मंत्रालय की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आइआइसी) रैंकिंग 2024-25 में लगातार तीसरे साल 4-स्टार रेटिंग हासिल की है।

इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आइयूएसटी) File Photo

इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आइयूएसटी) File Photo

HighLights

  1. आइयूएसटी को लगातार तीसरे साल 4-स्टार रेटिंग मिली

  2. जम्मू-कश्मीर के सिर्फ तीन संस्थानों को यह दर्जा मिला

  3. विश्वविद्यालय ने 120 से अधिक नवाचार कार्यक्रम आयोजित किए

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से स्टार्टअप तक का सफर, इस दिशा में इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आइयूएसटी) ने एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आइआइसी) रैंकिंग 2024-25 में विश्वविद्यालय ने 4-स्टार रेटिंग हासिल की है। खास बात यह है कि आइयूएसटी ने लगातार तीसरे साल इस स्तर को बरकरार रखा है।

आइयूएसटी को 2021-22 में 3.5 स्टार मिले थे। इसके बाद 2022-23, 2023-24 और अब 2024-25 में विश्वविद्यालय ने लगातार 4-स्टार रेटिंग हासिल की। मौजूदा चक्र में 4 स्टार ही सर्वोच्च रेटिंग है।

देशभर की होड़ में जम्मू-कश्मीर की मजबूत दस्तक

इस बार देशभर से 8500 से अधिक संस्थानों ने आइआइसी मूल्यांकन में हिस्सा लिया। इनमें आइयूएसटी को 4 स्टार मिलना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जम्मू-कश्मीर के केवल तीन संस्थान ही इस सर्वोच्च रेटिंग तक पहुंच सके हैं।

यह उपलब्धि सिर्फ रेटिंग का आंकड़ा नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में इनोवेशन और उद्यमिता को लेकर हो रहे लगातार काम का संकेत है। समय के साथ आइआइसी की मूल्यांकन प्रक्रिया और मानक भी ज्यादा कड़े हुए हैं। ऐसे में लगातार तीन साल तक 4 स्टार बनाए रखना आइयूएसटी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

आइयूएसटी ने पार किया 120 का आंकड़ा

आइयूएसटी की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आइआइसी कैलेंडर वर्ष में संस्थानों को 58 अनिवार्य गतिविधियां करनी थीं, जबकि विश्वविद्यालय ने 120 से अधिक गतिविधियां दर्ज कीं। इनमें 60 से ज्यादा गतिविधियां विश्वविद्यालय की अपनी पहल पर आयोजित की गईं।

इन गतिविधियों में नए विचारों को मंच देने, नवाचार को बढ़ावा देने, उद्यमिता की समझ विकसित करने और छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में सीखने के अवसर देने पर जोर रहा।

विश्वविद्यालय के प्रदर्शन का आकलन वाइयूकेटीआइ प्लेटफॉर्म पर आइडिया, इनोवेशन और स्टार्टअप की प्रस्तुति, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में भागीदारी, इनोवेशन एंबेसडरों की भूमिका, पेटेंट व अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों, मेंटरिंग और नवाचार गतिविधियों समेत कई मानकों पर किया गया।

आइडिया से समाधान की ओर बढ़ता कैंपस

आइयूएसटी के कुलपति प्रो. शकील ए रोमशू ने इस उपलब्धि के लिए शिक्षकों और विश्वविद्यालय से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सीआइइडी निदेशक और उनकी टीम को भी लगातार इनोवेशन इकोसिस्टम मजबूत करने के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि आइयूएसटी में इनोवेशन अब केवल अलग-अलग गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अकादमिक संस्कृति का हिस्सा बनता जा रहा है, जहां विचारों को इन्क्यूबेशन और नवाचार से जोड़कर वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान तलाशे जा रहे हैं।