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1983 में खोदी गई थी पिच, चार दशक बाद शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में लौटी रौनक; पंत-रहाणे-सरफराज को देखने उमड़ा श्रीनगर

Published: Thu, 01 Oct 2026 05:13 PM (GMT+05:30)

श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में चार दशकों बाद ईरानी कप के साथ फर्स्ट क्लास क्रिकेट की वापसी हुई है, जिसमें ...और पढ़ें

ईरानी कप क्रिकेट मैच के दौरान निगरानी करती सुरक्षाकर्मी निगरानी करते हुए। (फ़ोटो-PTI)

ईरानी कप क्रिकेट मैच के दौरान निगरानी करती सुरक्षाकर्मी निगरानी करते हुए। (फ़ोटो-PTI)

HighLights

  1. श्रीनगर में चार दशकों बाद ईरानी कप क्रिकेट की वापसी।

  2. ऋषभ पंत, अजिंक्य रहाणे जैसे दिग्गज खिलाड़ी स्टेडियम में मौजूद।

  3. स्थानीय लोगों में भारी उत्साह, अंतरराष्ट्रीय मैचों की उम्मीद जगी।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। करीब चार दशकों के लंबे इंतजार के बाद श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों ने कदम रखा है। हालांकि, इस बार यहां कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं खेली जा रही है, बल्कि ईरानी कप के तहत प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच का आयोजन हो रहा है। इस मुकाबले में ऋषभ पंत, अजिंक्य रहाणे, सरफराज खान समेत कई नामी खिलाड़ी अपने बल्ले और गेंद का दम दिखाने पहुंचे हैं।

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट अकादमी की ओर से आयोजित यह पांच दिवसीय मुकाबला जम्मू-कश्मीर और रेस्ट ऑफ इंडिया की टीमों के बीच खेला जा रहा है।

गौरतलब है कि करीब चार दशक पहले, वर्ष 1983 में इसी स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जाना था। हालांकि, मैच के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने पिच खोदकर खेल में बाधा डाल दी थी। हालात को देखते हुए प्रशासन को मैच स्थगित करना पड़ा था। इसके बाद से अब तक घाटी के इस प्रमुख क्रिकेट स्टेडियम में कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबला नहीं खेला गया है।

हालांकि, इस दौरान यहां स्थानीय स्तर के क्रिकेट मैचों का आयोजन होता रहा। अब ईरानी कप के मुकाबले के साथ शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में एक बार फिर बड़े खिलाड़ियों की वापसी हुई है। यह मुकाबला घाटी में प्रथम श्रेणी क्रिकेट की वापसी के लिहाज से भी खास माना जा रहा है।

लोगों में उत्साह

ईरानी कप के घाटी में आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों, खासकर क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। उनका कहना है कि इस मैच के आयोजन से यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों की राह भी आसान हुई है।

मैच देखने पहुंचे वानी शौकत नामक एक क्रिकेट प्रेमी ने कहा, 'खुशी है कि 40 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आज हमारे इस क्रिकेट स्टेडियम में फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेली जा रही है।'

1983 की अफरातफरी आज भी याद

वानी ने कहा, '1983 में इसी स्टेडियम में हुई उस घटना का मैं गवाह हूं। मैं उन दिनों स्कूल में पढ़ता था और अपने चाचा के साथ मैच देखने यहां आया था। उस घटना के बाद स्टेडियम में इतनी अफरातफरी मच गई थी कि हमें वहां से भागना पड़ा था। भागते समय मेरे पैर से एक जूता भी कहीं गिर गया था।

उन्होंने कहा, 'खुशी है कि आज हालात बिल्कुल ठीक हैं और शांतिपूर्ण माहौल में मैच हो रहा है। इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है।'

टीवी स्क्रीन के सितारे अब आंखों के सामने

एक अन्य क्रिकेट प्रेमी मुतजिर यूसुफ ने कहा, 'बहुत बड़ी बात है कि यहां इस स्तर का मैच खेला जा रहा है। हम ऋषभ पंत, अजिंक्य रहाणे और सरफराज खान जैसे खिलाड़ियों को आज टीवी स्क्रीन पर ही नहीं, बल्कि रूबरू खेलते हुए भी देख रहे हैं।यूसुफ ने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि बहुत जल्द हमारे इन स्टेडियमों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच भी खेले जाएंगे और हम क्रिकेट जगत के महान खिलाड़ियों को अपनी आंखों के सामने खेलते देखेंगे।'

दर्शकों से भरा रहा स्टेडियम

मैच के पहले दिन ही हजारों की संख्या में क्रिकेट प्रेमियों ने शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम का रुख किया और मुकाबले का आनंद लिया। दर्शक मैच में फेंकी गई हर गेंद और बल्ले से निकले हर शॉट पर तालियां बजाकर और हूटिंग कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।

 मैच के लिए एंट्री फ्री 

जेकेसीए के वरिष्ठ अधिकारी सलमान निजामी ने कहा, 'हमने इस मैच के लिए एंट्री फ्री रखी है। प्रतिदिन 1,000 टिकटें क्रिकेट प्रेमियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही हैं और वह भी बिल्कुल मुफ्त। आज मैच के पहले दिन तकरीबन 1,400 टिकटें हमने बांटी हैं।'

उन्होंने कहा, 'जिस तरह से हमने लोगों में दिलचस्पी देखी है, उससे लगता है कि हमें टिकटों की संख्या बढ़ाकर प्रतिदिन 2,000 करनी होगी।'

निजामी ने कहा, 'हालांकि स्टेडियम में 5,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है, लेकिन कुछ नियमों के चलते हम एक साथ स्टेडियम को पूरी तरह से नहीं भर सकते। अभी इस स्टेडियम में उतनी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन फिर भी हमने कोशिश की है कि खिलाड़ियों को हर तरह की सुविधा दी जाए।'

उधर, जेकेसीए के सीईओ ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता ने कहा, 'हमें खुशी है कि यहां ईरानी कप का सफल आयोजन हुआ है और इससे इस तरह की क्रिकेट प्रतियोगिताओं के आयोजन का एक सिलसिला शुरू हुआ है।'

उन्होंने कहा, 'हम यह सिलसिला जारी रखेंगे और साथ ही यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बेहतर बनाएंगे।'