श्रीनगर, नवीन नवाज । नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे कुपवाड़ा के हटमुला गांव की रहने वाली आसिया अजीब तिराहे पर हैं। एक तरफ फर्ज से बंधी है और दूसरी तरफ मां व सास चुनावी मैदान में एक-दूसरे के सामने आ डटी हैं। दोनों ही कुपवाड़ा में ब्लॉक विकास परिषद के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। लड़ाई चुनावी है पर उसे चिंता है कि चुनावी खींचतान कहीं उसके रिश्तों पर न आंच ले आए। साथ ही वह स्वयं अपने जिम्मेवारी पर भी कोई सवाल न आए, इसकी भी उसे चिंता करनी है। आसिया स्वयं ग्रामीण विकास विभाग में पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत है और बीडीसी चुनाव की प्रक्रिया में वह भी भागीदार हैं।

गौरतलब है कि राज्य में पंचायत राज व्यवस्था के दूसरे चरण के तहत ब्लॉक विकास परिषदों के लिए 24 अक्टूबर को मतदान होना है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में 24 ब्लॉक विकास परिषदों के अध्यक्ष पद के लिए करीब 104 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। इनमें से करीब 97 निर्दलीय हैं और सात भाजपा से हैं। भले ही नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, पीपुल्स कांफ्रेंस और कांग्रेस चुनाव का बहिष्कार कर रहे हों लेकिन उनके समर्थक मैदान में डटे हैं।

आसिया का मायका और ससुराल दोनों ही कुपवाड़ा के प्रतिष्ठित सियासी परिवार माने जाते हैं और नेशनल कांफ्रेंस से जुड़े हैं। आसिया का मायका मुगलपोरा में है। उसके दादा हाजी अब्दुल खालिक मीर नेशनल कांफ्रेंस के जिला उपप्रधान हैं और दो बार सरपंच भी चुने गए थे। कुपवाड़ा ब्लॉक परिषद के प्रधान का पद महिलाओं के लिए आरक्षित है। इसलिए इस बार उन्होंने अपनी बहू हसीना को अध्यक्ष पद के लिए उतारा है। इस समय आसिया की मां हसीना ही गांव की सरपंच है।

दूसरी तरफ आसिया की सास नसीमा हटमुला गांव की सरपंच है और वह भी चुनाव में परिवार की सियासत को आगे बढ़ाने उतरी हैं। आसिया का पति इम्तियाज अहमद ठेकेदार है। आसिया के दादा ससुर हाजी मोहम्मद सुल्तान मीर नेशनल कांफ्रेंस के जिला प्रधान रह चुके हैं। वह राज्य विधानपरिषद के सदस्य भी थे। उसके ससुर मोहम्मद अफजल मीर भी सरपंच रहे हैं।

पांच प्रत्याशी हैं दौड़ में : महिलाओं के लिए आरक्षित कुपवाड़ा बीडीसी में नसीमा और हसीना समेत पांच महिलाएं अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। इनमें हटमुला की शकीला, हलमतपोरा की नुसरत और हयहामा सहीपोरा की गुलशन भी हैं। गुलशन भाजपा की टिकट पर चुनाव में उतरी हैं। पूरे ब्लॉक के 161 पंच-सरपंच इस चुनाव में मतदाता हैं।

पति बोले - मैं अपनी मां के साथ :  आसिया के पति इम्तियाज अहमद ने कहा कि वह अपनी मां की जीत के प्रति आश्वस्त हूं। मेरी बीबी के लिए स्थिति काफी मुश्किल है। जहां तक मैं जानता हूं कि वह इस पूरे मामले में पूरी तरह निष्पक्ष रहते हुए अपना काम करेगी। नेकां के साथ दोनों परिवारों के रिश्ते की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि हम यहां भाजपा को आसानी से कब्जा नहीं करने देंगे। उन्होंने सास के चुनाव में उतरने संबंधी सवाल पर कहा कि जब नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी तो तय हुआ था कि एक परिवार नामांकन वापस ले लेगा पर दोनों परिवार कुछ मुद्दों को लेकर डट गए। दोनों ने प्रचार के लिए पूरा जोर भी लगाया है।

आसिया को तो रिश्ते की चिंता: आसिया ने कहा कि नामांकन की प्रक्रिया तक सब-कुछ ठीक ही था। नाम वापस लेने के समय दोनों परिवारों में कुछ तल्खी हो गई है। दोनों इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना चुके हैं। दुआ करती हूं कि चुनाव का परिणाम चाहे कुछ भी रहे, लेकिन यह तल्खी सिर्फ चुनाव के लिए ही रहे। हालांकि वोट तो पंच-सरपंच ही डालेंगे। मैं तो सरकारी मुलाजिम हूं और अपना काम करुंगी।

 

Posted By: Rahul Sharma

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