राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर को बागवानी में सरताज बनना है। इसके लिए पूरी सरकारी मशीनरी को संपूर्ण योगदान देने के लिए सक्रिय हो जाना चाहिए। वैश्विक बाजार में जम्मू कश्मीर की धमक होनी चाहिए। यहां के बागवानी व कृषि उत्पादों को दुनिया भर में स्थापित करने के लिए दुबई में होने वाले फूड फेस्टिवल में जम्मू कश्मीर का एक अधिकारिक स्टाल भी लगाया जाएगा।

उपराज्यपाल ने बुधवार को श्रीनगर के राजबाग स्थित बागवानी परिसर में स्थानीय सेब उत्पादकों के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआइएस) शुरू करते हुए किसानों को सेब की उपज बढ़ाने के लिए उत्साहित किया। उपराज्यपाल ने बताया कि एमआइएस-2020 के तहत 12 लाख टन सेब खरीदने का लक्ष्य है। यह योजना पैकिंग, परिवहन, माल की लदाई-ढुलाई से ग्रामीण आबादी के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। बेची हुई फसल का भुगतान सीधे बैंक खातों में होगा। इससे सेब उत्पादकों को अपनी पैदावार को मंडियों तक पहुंचाने, उसकी मार्केटिंग जैसी दिक्कतों से भी छुटकारा मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमें किसानों के हितों का ध्यान है। अगर हमें किसानों के हित का ध्यान नहीं होता तो नैफेड एक बार फिर किसानों से सेब खरीदने के लिए अपनी मंडिया नहीं सजाता। यह योजना लगातार दूसरे साल लागू की गई है। पहली बार इसे 2019 में लागू किया गया था। इस साल इसे कोरोना महामारी से प्रभावित किसानों की मदद के लिए शुरू किया गया है। सरकार ने दी है 2500 करोड़ की गारंटी

योजना को शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नैफेड को 2500 करोड़ रुपये की सरकारी गारटी के इस्तेमाल का अधिकार दिया गया है। अगर योजना में किसी तरह का नुकसान होता है तो केंद्र व प्रदेश सरकार उसे 50:50 के अनुपात में नुकसान उठाएगी। नैफेड करे 500 करोड़ का निवेश

उपराज्यपाल ने बागवानी और कृषि को राज्य का प्रमुख क्षेत्र बताते हुए कहा कि 70 प्रतिशत आबादी इसी क्षेत्र से जुड़ी है। हमने कृषि और बागवानी के विकास के लिए 680 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी की है। नैफेड के प्रबंधन निदेशक से उन्होंने कहा कि बागवानी बुनियादी ढाचे में नैफेड को अपने 100 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश को बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये करना चाहिए।

कोल्ड स्टोर के लिए 50 प्रतिशत छूट

उपराज्यपाल ने किसानों को प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने वाली 50 फीसद छूट का लाभ लेकर कोल्ड स्टोर बनाने चाहिए। किसानों की आय को दोगुना करने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य का जिक्र करते हुए उपराज्यपाल ने उच्च पैदावार देने वाले सेब के पौधे लगाने पर जोर दिया। इससे सेब उत्पादकों की पैदावार व आय में तीन से चार गुना इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि हमने 355 हेक्टेयर पर उच्च गुणवत्ता वाले सेब के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। अब हमने 1500 हेक्टेयर जमीन में उच्च पैदावार वाले सेब बागान विकसित होगा।

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