जम्मू-कश्मीर में DRW कर्मचारियों के पक्के होने की फिर जगी उम्मीद, सरकार ने गठित की नई कमेटी; समीक्षा शुरू
जम्मू-कश्मीर में डेली रेटेड और वर्क-चार्ज कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा एक बार फिर सरकार के एजेंडे में है। सरकार ...और पढ़ें
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा। फोटो जागरण
HighLights
डेली रेटेड वर्कर्स के नियमितीकरण का मुद्दा फिर एजेंडे में।
सरकार ने 19 मार्च 2025 को नई समिति गठित की।
समिति मानवीय, कानूनी, वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में डेली रेटेड वर्कर्स (उीआरडब्लयू) और वर्क-चार्ज कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा एक बार फिर सरकार के एजेंडे में है। सरकार ने विधानसभा में स्पष्ट किया है कि 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद ऐसे कर्मचारियों के नियमितीकरण पर विचार करने के लिए फिलहाल कोई प्रभावी ढांचा मौजूद नहीं है। हालांकि, सरकार ने अब इस मामले की नए सिरे से समीक्षा शुरू कर दी है।
विधानसभा में विधायक रणबीर सिंह पठानिया द्वारा उठाए गए डेली रेटेड वर्कर्स के मुद्दे पर सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि 19 मार्च 2025 को सरकारी आदेश संख्या 384-जेके(जीएडी) के तहत एक समिति गठित की गई है।
यह समिति कर्मचारियों की नियुक्ति और नियमितीकरण से जुड़े मानवीय, कानूनी तथा वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है। समिति का उद्देश्य सभी विभागों में लागू किए जा सकने वाले एक समान, कानूनी और वित्तीय रूप से टिकाऊ ढांचे की सिफारिश करना है।
नियमितीकरण के लिए अलग-अलग नियम लागू
सरकार के अनुसार, पिछले वर्षों में विभागों ने अपनी जरूरतों के आधार पर हेल्पर, डेली रेटेड वर्कर्स, वर्क-चार्ज कर्मचारी, आकस्मिक और मौसमी श्रमिकों समेत विभिन्न श्रेणियों में नियुक्तियां की थीं। इनके नियमितीकरण के लिए पहले अलग-अलग नियम लागू रहे हैं।
एसआरओ-64 ऑफ 1994 के तहत जम्मू-कश्मीर डेली रेटेड वर्कर्स/वर्क-चार्ज एम्प्लॉइज (रेगुलराइजेशन) नियम, 1994 लागू किए गए थे, जिनमें निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पात्र कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रावधान था। बाद में एसआरओ-520 ऑफ 2017 के तहत कैजुअल और अन्य श्रमिकों के नियमित एंगेजमेंट से संबंधित नियम अधिसूचित किए गए।
वर्ष 2015 में सरकारी आदेश संख्या 139-एफ के तहत एक सशक्त समिति भी गठित की गई थी, जिसने पात्र शेष डेली रेटेड वर्कर्स के नियमितीकरण के लिए पद सृजन से जुड़े प्रस्तावों की जांच की थी।
व्यवस्ता लागू करने का प्रस्ताव विचाराधीन
भर्ती व्यवस्था पर सरकार ने बताया कि एस.ओ. 506 , वर्ष 2024 के तहत सरकारी स्वामित्व या नियंत्रण वाली कंपनियों, बोर्डों और निगमों में गैर-राजपत्रित पदों पर भर्ती जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से की जानी है। राजपत्रित पदों के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
सरकार ने विधानसभा को यह भी बताया कि कर्मचारियों के नियुक्ति और सेवा रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए जेके-एचआरएमएस स्थापित किया गया है। इसमें नियुक्ति, ज्वाइनिंग, योग्यता, पदस्थापन और पदोन्नति संबंधी जानकारी दर्ज की जाती है।
भर्ती के दौरान उम्मीदवारों के मूल प्रमाणपत्र, डोमिसाइल और श्रेणी प्रमाणपत्रों का दस्तावेज सत्यापन समिति द्वारा परीक्षण किया जाता है। नई समिति की जांच पूरी होने और संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी मिलने के बाद नियमितीकरण के संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
