राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : ग्रीष्मकालीन राजधानी के सौरा समेत विभिन्न इलाकों में राष्ट्रविरोधी प्रदर्शनों और पत्थरबाजी की घटनाओं के एक मास्टरमाइंड को पुलिस ने बुधवार उसके ठिकाने से पकड़ लिया। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 19 एफआइआर दर्ज हैं।

सूत्रधार हयात अहमद डार कट्टरपंथी मसर्रत आलम के संगठन मुस्लिम लीग के वरिष्ठ सदस्यों में एक है। मसर्रत आलम फिलहाल टेरर फंडिग मामले में तिहाड़ जेल में बंद है। उसने ही वर्ष 2008 और 2010 में वादी में हुए सिलसिलेवार बंद व हिसक प्रदर्शनों में अहम भूमिका निभाई थी। हयात अहमद ने करीब एक सप्ताह पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर कश्मीर में आजादी व संयुक्त राष्ट्र की सिफारिशों के अनुरूप जनमत संग्रह की मांग करते हुए लोगों को राष्ट्रविरोधी प्रदर्शनों के लिए उकसाया था।

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद वादी के अधिकांश इलाकों में स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन सौरा और उससे सटे इलाकों में कई बार हिसक प्रदर्शन हुए हैं। डाउन-टाउन के विभिन्न हिस्सों में भी पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं। पुलिस ने हिसक प्रदर्शनों की विभिन्न घटनाओं का संज्ञान लेते हुए उनमें लिप्त तत्वों की जब निशानदेही शुरूकी तो हयात अहमद का नाम भी सामने आया। पुलिस ने उसकी गतिविधियों की निगरानी शुरू की तो पता चला कि वह अपने साथियों संग विभिन्न इलाकों में हिसक प्रदर्शनों का आयोजन कर रहा है। पुलिस ने कई बार उसके ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। बुधवार सुबह पुलिस को पता चला कि वह डाउन-टाउन में एक जगह विशेष पर अपने साथियों संग बैठक के लिए आया हुआ है। पुलिस ने तुरंत वहां दबिश देकर उसे दबोच लिया। दो बार जन सुरक्षा अधिनियम के तहत बनाया गया है बंदी

पुलिस के मुताबिक हयात पहले भी कई बार राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में पकड़ा जा चुका है। उसे दो बार जन सुरक्षा अधिनियम के तहत भी बंदी बनाया गया है। उसके पकड़े जाने से श्रीनगर और उससे सटे इलाकों में अक्सर शुक्रवार को होने वाले राष्ट्रविरोधी प्रदर्शनों पर लगाम लगने की उम्मीद है।

Posted By: Jagran

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