राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : बगावत पर काबू पाने और रुष्ट नेताओं को मनाने की कवायद के तहत पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को पूर्व वित्तमंत्री डॉ. हसीब द्राबू और पूर्व आरएंडबी मंत्री अल्ताफ बुखारी को पार्टी की राजनीतिक सलाहकार समिति में शामिल कर लिया। पूर्व वित्तमंत्री डॉ. हसीब द्राबू को मार्च माह में महबूबा ने मंत्रिमंडल से बाहर निकाल दिया था। पीडीपी के वरिष्ठ नेताओं में शुमार डॉ. द्राबू ने ही पीडीपी-भाजपा के गठजोड़ को यकीनी बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के गिरने के लिए डॉ. द्राबू को भी मंत्रिमंडल से बाहर निकाला जाना एक कारण बताया जाता है। वह भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और पीडीपी के बीच समन्वय व संवाद का एक मुख्य जरिया बताए जाते रहे हैं। भाजपा पीडीपी गठबंधन सरकार के गिरने के बाद से पीडीपी में महबूबा के खिलाफ बगावत के सुर मुखर हो रहे हैं। इसपर काबू पाने के लिए ही महबूबा ने करीब एक पखवाड़ा पहले संगठनात्मक बदलाव शुरू किया और पार्टी उपाध्यक्ष पद से अपने मामा सरताज मदनी और निकट संबंधी पीरजादा मंसूर की पार्टी कार्यकारिणी से छुट्टी कर दी।

पीडीपी के प्रमुख प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने बताया कि राजनीतिक सलाहकार समिति का गठन हालांकि एक पखवाड़ा पहले ही किया गया है, लेकिन संगठन में सभी क्षेत्रों और वर्गो के प्रतिनिधित्व को यकीनी बनाने के लिए ही महबूबा ने आज दो वरिष्ठ नेताओं डॉ. हसीब द्राबू और सईद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी को इसमें शामिल किया है। इसके अलावा उन्होंने त्राल के विधायक मुश्ताक अहमद शाह को त्राल जोन पीडीपी इकाई का प्रधान मनोनीत किया है। महबूबा ने जम्मू संभाग में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों का जिम्मा तीन महासचिवों में बांटा है। महासचिव फकीर चंद भंगत सेंट्रल जम्मू में, सुरेंद्र चौधरी राजौरी-पुंछ में और महबूब इकबाल रामबन-डोडा में पार्टी की जिम्मेदारियां निभाएंगे।

Posted By: Jagran