राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श कर सभी क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास के प्रति संकल्पबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि जनहित के संरक्षक होते हैं। इसलिए उनके लिए अपने क्षेत्रों की समस्याओं, जरूरतों, विकास कार्यो की प्राथमिकता तय करने और उन्हें सरकार तक पहुंचाकर समयबद्ध निष्पादन उनकी जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों से अपील की कि वह आगे आएं और आम लोगों की समस्याओं को हल करने के सरकार के प्रयासों में हाथ बंटाएं। उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र की उपेक्षा न हो। अवंसरचना विकास में कोई वित्तीय कमी न हो, इसलिए राज्य सरकार ने जम्मू कश्मीर इनफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनांस कार्पाेरेशन (जेकेआइडीएफसी) के गठन को मंजूरी दी है। जेकेआइएफडीसी के जरिए राज्य सरकार आधी अधूरी पड़ी अवसंरचना विकास की परियोजनाओं को पूरा करने के के लिए आठ हजार करोड़ की राशि खर्च करेगी। इनमें से अधिकांश परियोजनाएं वर्षो पहले शुरू हुई थी, लेकिन पूरी न होने के कारण कई असुविधाएं पैदा कर रही हैं। इसलिए निर्वाचित प्रतिनिधियों से आग्रह है कि वह अपने इलाके में ऐसी अधूरी परियोजनाओं में से उनको प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करें, जो जनहित की दृष्टि से अहम हों। यह परियोजनाएं सड़क, पुल, पेयजल, स्कूली इमारतों, स्वास्थ्य सेवाओं व अन्य क्षेत्रों से भी संबंधित हो सकती हैं।

इस बीच, राज्यपाल सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि निर्वाचित प्रतिनिधि अपने आग्रह जिला उपायुक्त या फिर योजना विकास एवं निगरानी विभाग को सीधे प्रेषित कर सकता है।

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